पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में हुई बैठक में पहुंचे 50 से अधिक डीजे व पंडाल संचालक
भिलाई। त्योहार सीजन के दौरान सार्वजनिक आयोजनों में डीजे, साउंड सिस्टम एवं पंडालों के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए दुर्ग पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जिले के संबंधित संचालकों की बैठक ली गई। बैठक में डीजे संचालक संघ के पदाधिकारी सहित जिले के 50 से अधिक संचालक उपस्थित रहे। बैठक में आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए दुर्ग पुलिस एवं प्रशासन द्वारा डीजे, साउंड सिस्टम, पंडाल एवं किराया भंडार संचालकों को कानून-व्यवस्था, यातायात, ध्वनि प्रदूषण एवं सुरक्षा मानकों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा प्रकरण WPPIL(C)-88/2023, दिनांक 20.11.2023 में पारित निर्देशों तथा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 एवं The Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 में निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संचालकों को निर्देशित किया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी प्रशांत पैकरा, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निशांत पाठक सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि आगामी त्योहारों के दौरान डीजे एवं साउंड सिस्टम का संचालन निर्धारित कानूनी प्रावधानों एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। दुर्ग पुलिस सभी डीजे, साउंड सिस्टम, पंडाल एवं किराया भंडार संचालकों से अपील करती है कि आगामी त्योहारों के दौरान निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही आयोजन करें। ध्वनि प्रदूषण, यातायात अवरोध एवं सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन न करें। नियमों का पालन कर शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित त्योहार आयोजन में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें।
डीजे एवं साउंड सिस्टम संचालकों के लिए निर्देश
- सार्वजनिक स्थलों पर लाउड स्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग क्षेत्र के परिवेशीय ध्वनि स्तर से 10 डीबी(A) से अधिक अथवा 75 डीबी(A) से अधिक नहीं किया जाए; दोनों में जो भी कम हो, वही सीमा लागू होगी।
- रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे के मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
- एनजीटी एवं शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण मानकों, कोलाहल अधिनियम तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।
- वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र अथवा वाद्य यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जाए।
- ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ ध्वनि मापक यंत्र उपलब्ध रखा जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही ध्वनि का संचालन किया जाए।
- शासकीय एवं अशासकीय अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, जिला एवं सत्र न्यायालय तथा अन्य न्यायालय एवं शासकीय कार्यालयों की 100 मीटर सीमा को कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र (जोन ऑफ साइलेंस) के रूप में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार माना जाए।
पंडाल एवं किराया भंडार संचालकों के लिए निर्देश
- पंडाल निर्धारित व्हाइट मार्किंग के पीछे ही लगाए जाएं तथा किसी भी स्थिति में मुख्य मार्ग, आवागमन अथवा आपातकालीन रास्ते को अवरुद्ध नहीं किया जाए।
- पंडाल लगाने से पूर्व नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति एवं अनापत्ति प्राप्त की जाए।
- पंडाल में फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिसिटी सेफ्टी के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
- पंडाल की क्षमता एवं संरचना का आवश्यक सुरक्षा ऑडिट कराकर ही आयोजन किया जाए, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।




