भिलाई। पांच वर्षीय मासूम से लैंगिक शोषण के आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास सहित विभिन्न सजाओं से दंडित किया। अप्रैल में दर्ज मामले में पुलिस ने तेजी से विवेचना की और आरोपी धनेंश्वर साहू को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं न्यायिक अभिलेख के आधार पर दिनांक 25.09.2026 को आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी को विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास तथा 07 वर्ष, 10 वर्ष एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं सुनाई गईं। विभिन्न धाराओं में कुल 13,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित करते हुए अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा निर्धारित की गई।
बता दें 10.04.2026 को थाना उतई क्षेत्र में 4.5 वर्षीय बालिका से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना प्राप्त होने पर थाना उतई में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को दिनांक 11.04.2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर दिनांक 25.04.2026 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायिक अभिलेख के अनुसार प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अभियोजन किया गया।
विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा दिनांक 25 सितंबर 2026 को निर्णय पारित कर आरोपी को दोषसिद्ध किया गया तथा दिनांक 26.09.2026 को सजा संबंधी आदेश पारित किया गया। न्यायालय द्वारा विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास, 07 वर्ष, 10 वर्ष एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं तथा विभिन्न धाराओं में कुल 13,000 रुपये का अर्थदण्ड निर्धारित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी निर्धारित की गई।
प्रकरण की विवेचना एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही में श्रीमती भारती मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक नेवई, जिला दुर्ग; निरीक्षक महेश ध्रुव, तत्कालीन थाना प्रभारी उतई, वर्तमान थाना प्रभारी थाना धमधा, जिला दुर्ग; उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, तत्कालीन थाना उतई, वर्तमान थाना प्रभारी थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग; आरक्षक 137 जी. जगमोहन, आरक्षक 1687 राजीव दुबे, आरक्षक 680 महेश यादव, आरक्षक 1153 विक्रम साहू, महिला आरक्षक 681 पूजा सोनकर, महिला आरक्षक 1288 बिंदु भाले, थाना उतई तथा आरक्षक 307 खेमू राम साहू, रक्षित केन्द्र दुर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर समयबद्ध रूप से अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की ओर से न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक रूपवती तेलीदार द्वारा पैरवी की गई।
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहें। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध, शोषण अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पीड़ित बच्चे की पहचान एवं निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा प्रकरण से संबंधित संवेदनशील जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक न करें। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचित कर आवश्यक सहयोग प्रदान करें।



