ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: दलदल में फंसी हथनी की दर्दनाक मौत, डीएफओ सहित कई अधिकारी सस्पेंड
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

दलदल में फंसी हथनी की दर्दनाक मौत, डीएफओ सहित कई अधिकारी सस्पेंड

By @dmin
Published: December 30, 2019
Share
SHARE

कोरबा। वन विभाग की लापरवाही की वजह से एक हथनी की मौत हो गई। यह हथनी दलदल में फंसी थी। मामला कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत केंदई वन परिक्षेत्र का है।
यहां केन्दई वनपरिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरीया के आश्रित मोहल्ला बनखेता पारा में एक दलदलनुमा खेत में हथनी फंसी थी। यह हथनी मंगलवार 24 दिसंबर से ही दलदल में फंसी थी, लेकिन इसे बचाने की कवायद तब शुरू हुई, जब ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी।
गुरुवार 26 दिसंबर देर शाम तक वन विभाग की ओर से जेसीबी की मदद से हथनी को निकालने के प्रयास होते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। और आखिरकार शुक्रवार 27 दिसंबर की दोपहर हथनी ने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हथनी को निकालने का काम पहले ही शुरू कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। हथनी झुंड में विचरण करने के दौरान इस दलदल में जा फंसी थी।
बताया जा रहा है कि वन मंडलाधिकारी अवकाश पर हैं। वहीं दूसरी ओर वन विभाग की टीम ने डॉक्टरों को जल्द बुलाने में रुचि नहीं दिखाई। जिसके कारण 48 घंटे तक हथनी दलदल में ही फंसी रही। क्षेत्र में अत्यधिक ठंड पडऩे से शुक्रवार को हथनी को सांस लेने में परेशानी होने लगी और अंतत: उसने दम तोड़ दिया। वनविभाग की टीम पर आश्चर्य इसलिए भी हो रहा है क्योंकि हथनी के मरने के बाद भी टीम इसके जिंदे होने का दावा करती रही। जबकि गांव वालों की मानें तो हथनी की मौत रात को ही हो गई थी। बहरहाल हथिनी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वर्ष 2002 से हाथियों के मौत का सिलसिला शुरू हुआ है। अब तक 10 हाथियों की जान जा चुकी है। एक सप्ताह पहले ही इसी केंदई रेंज के पाली सलाई पहाड़ से गिरने से एक हाथी की मौत हो गई थी।
सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा अपने मातहत विभागों की कार्यशैली को लेकर कई बड़े बयानबाजी करते रहते है परन्तु वास्तविकता कोसो दूर रहती है। कई बड़े मामलों में अब तक यह देखा गया है कि सरकार के बयान उनके विभागों के कार्यशैली से कहीं भी मेल नहीं खाते। मसलन विभागीय मनमानी और उनकी लापरवाही स्पष्ट रूप से सार्वजनिक तौर पर देखने को मिलती है।
पिछले दिनों कोरबा वनक्षेत्र में एक हथिनी की मौत पर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई। जहां विभाग चाहता तो हथिनी को समय रहते बचा सकता था। परन्तु आवश्यकता पडऩे पर कई संसाधन समय में उपलब्ध न करा पाने के कारण छत्तीसगढ़ की एक बहुमूल्य वन जीव को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह पहला मामला नहीं था जब वन विभाग के द्वारा लापरवाही बरती गई हो। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार के द्वारा वन प्रमुख अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है परन्तु क्या इतनी छोटी कार्यवाही से एक मूक जीव के प्राणों की आहूती को सही इंसाफ दिया जा सकता हैै? शायद नहीं, क्योंकि वन क्षेत्र में आज भी जीवों के अंगों की तस्करी और वन सम्पदाओं की तस्करी बिना किसी खौफ के खुलेआम अधिकारियों के संरक्षण में संचालित हो रहा है। भाजपा सरकार में गृहमंत्री के पद पर रहे ननकीराम कंवर ने एक बार अपने प्रेसवार्ता के बयान में बताया था कि बिना अधिकारियों के संरक्षण के वन क्षेत्र से एक दातुन तक नहीं चुराया जा सकता। ननकीराम कंवर के इन बयानों में काफी दम था और उन्होंने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करते हुए अपने बयानों के तहत कसकर गालों में तमाचा मारा था। समय रहते यदि राज्य सरकार एैसे मामलों में स्वयं लापरवाही की तो आने वाले समय में हम अपने कई बहुमूल्य वन सम्पदा को गवां बैठेंगे?
००००००००००००००००००००

नौकरी के नाम पर ठगी करते थी मंत्रालय के फर्जी बाबू… पुलिस ने बिछाया ऐसा जाल कि गिरफ्त में आए दो ठग… गरियाबंद पुलिस की कार्रवाई
Bhilai : त्योहारी भीड़ के बीच सुपेला व दुर्ग के बाजारों में एसपी ने सेंट्रल फोर्स के साथ किया पैदल मार्च
Breaking News : दिल्ली से यूपी तक भूकंप के झटके, 4.4 की तीव्रता… घर दफ्तर छोड़ बाहर निकले लोग
एसआर हॉस्पिटल में फिर एक मासूम को मिला नया जीवन: गंभीर बीमारी से पीडि़त मासूम को एसआर हॉस्पिटल के चाइल्ड केयर में मिला बेहतर इलाज… अब है पूरी तरह से स्वस्थ्य
टीवी चैनलों के लिए जारी हुई एडवाइजरी….. गेमिंग विज्ञापनों के जरिए नहीं फैला सकेंगे भ्रम
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article ‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव पुरस्कार वितरण‘
Next Article न तो श्रीकृष्ण रणछोड़ थे न ही नारद जी चुगलखोर : पं. मदनमोहन त्रिपाठी

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?