नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि क्षेत्र से जुड़े कानूनों में बदलाव पर दिल्?ली समेत देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने राजपथ पर एक ट्रैक्टर को आगे लगा दी। इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर लाकर विरोध किया जा रहा था। जब उसमें आग लगा दी गई तो फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई। दूससरी तरफ, कर्नाटक में किसान संगठनों ने आज बंद बुलाया है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आज शहीद भगत सिंह नगर में कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठेंगे। नए कानूनों के विरोध में कर्नाटक के किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद बुलाया है। बवाल की आशंका को देखते हुए कई जिलों में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मंचों से किसानों की शंकाओं को दूर कर चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बार-बार कहा है कि किसानों से एमएसपी पर फसलों की खरीद पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में किसानों को एपीएमसी की परिधि के बाहर अपने उत्पाद बेचने को विकल्प दिया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी दाम मिलेगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी रविवार को तीनों विवादित विधेयकों को मंजूरी देकर उन्हें कानून बना दिया। कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर 24 सितंबर को और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 अब कानून बन गए हैं। जबकि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल सहित कई विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से बिलों पर हस्ताक्षर नहीं करने का आग्रह किया था। नरेंद्र मोदी सरकार में एसएडी की एकमात्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में विधेयकों पर मतदान से पहले इस्तीफा दे दिया था। इसी मुद्दे पर उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन भी छोड़ दिया था।




