नई दिल्ली (एजेंसी)। दिवाली के बाद स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक कोरोना वायरस के टीके पर तीसरा परीक्षण शुरू कर सकती है। इस परीक्षण में करीब 40 हजार से अधिक लोगों को टीकाकरण किया जाएगा। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद ही इसे बाजार में लाया जाएगा। हालांकि बाजार में आने के बाद भी इस टीके पर परीक्षण चलता रहेगा।
टीके पर पहले चरण में हुए परीक्षण के परिणाम केंद्र सरकार को सौंप दिए गए हैं। भारत बायोटेक ने आईसीएमआर को पहले चरण के परिणाम को सौंप दिया है। जिसके बाद वैज्ञानिकों की टीम इसके अध्ययन में जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि यह परिणाम स्वास्थ्य मंत्रालय से भी साझा किए गए हैं। सब कुछ ठीक होने के चलते ही सरकार ने टीकाकरण को लेकर तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। अभी इसका पहला और दूसरे चरण का परीक्षण देश के 12 अस्पतालों में चल रहा है। दूसरे चरण के तहत लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। दिल्ली एम्स में पिछले सप्ताह ही 50 से अधिक लोगों को इस टीके की दोबारा डोज दी गई है। अगले 28 दिनों में यह पता चलेगा कि जिन्हें टिका दिया है उनमें एंटीबॉडी किस तरह और कितने बन रहे हैं?

100 भारतीय वालंटियर्स को लगाई जाएगी रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी
कोरोना वायरस महामारी के बीच भारत ने रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन का परीक्षण करने की अनुमति दे दी थी। अब कोरोना के खिलाफ रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन का परीक्षण भारत में 100 स्वयंसेवकों पर किया जाएगा। भारतीय औषधि महा नियंत्रक (डीजीसीआई) ने यह जानकारी दी। डीजीसीआई ने परीक्षण करने के लिए फार्मास्युटिकल कंपनी डॉ. रेड्डी की प्रयोगशालाओं को अनुमति दी है। हालांकि, परीक्षण की तारीख और समय कंपनी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। सरकारी अधिकारी के अनुसार डॉ. रेड्डी लैब ने कहा है कि दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के 100 स्वयंसेवकों को शामिल किया जा सकता है वहीं तीसरे फेज के ट्रायल के लिए यह संख्या 1400 हो सकती है।




