भिलाई। कोरोना काल में लोन मोरिटोरियम को लेकर सरकार के दोहरे रवैय्ये पर कांग्रेसी नेता अमित चंद्राकर ने सवाल उठाया है। जिस प्रकार सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर शुल्क पटाने के लिए 10 साल का अतिरिक्त समय दिया है उसी प्रकार आम लोगों को भी मोरिटोरियम का लाभ मिलना चाहिए। अमित चंद्राकर ने कहा है कि आम लोगों को मोरिटोरियम का लाभ बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के मिलना चाहिए।

एक बयान जारी करते हुए कांग्रेस नेता अमित चंद्राकर ने कहा है कि 31 अगस्त को लोन मोरिटोरियम की अवधि खत्म होने के कारण लोगों के पास उनके लोन की किस्त पटाने के लिए मैसेज आ रहे हैं। कोरोना काल में नौकरी पेशा लेकर व्यापारी तक हर वर्ग प्रभावित हुआ है। रिजर्व बैंक ने लोन मोरिटोरियम का निर्देश दिया लेकिन इसमें यह भी पेंच है कि अब जो ईएमआई भरेगा उसे मोरिटोरियम परेड का अतिरिक्त ब्याज भी भरना होगा। इसमें चक्रवृद्धि ब्याज भी जोड़ा जा रहा है। कोरोना के कारण आम लोगों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
अमित चंद्राकर ने कहा है कि जिस प्रकार सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर जमा करने के लिए 10 वर्षों की अतिरिक्त मोहलत दी है उसी प्रकार आम लोगों के लिए भी मोरिटोरियम की अवधि कम से कम दो साल के लिए बढ़ाई जाए। यही नहीं इस अवधि में यह सुनिश्चित किया जाए कि आम लोगोंं को इसका अतिरिक्त ब्याज किसी भी रूप में देना न पड़े। अमित चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा है कि टेलीकॉम कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को कोरोना काल में किसी प्रकार की राहत नहीं दी। इस दौरान टेलीकॉम कंपनियां काफी मुनाफे रही। सरकार जब मुनाफे वाली कंपनियों को छूट दे सकती है तो आम आदमी को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।




