भिलाई। जयंती स्टेड़ियम के पास विशाल परिसर में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का श्रवण मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भिलाई पहुंचे। सुबह 10 बजे वे कथा स्थल पहुंचे और लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक उन्होंने कथा का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने व्यासपीठ के पास पहुंचकर पं. मिश्रा का आशीर्वाद लेते हुए छत्तीसगढ़ वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम साय ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा पूरे भारत वर्ष में देवाधिदेव महादेव की महिमा का बखान कर सत्य सनातन धर्म को मजबूत कर रहे हैं।


बता दें बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति द्वारा भिलाई के जयंती स्टेडियम परिसर में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया है। समिति के अध्यक्ष दया सिंह की पूरी टीम के सहयोग से पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन किया गया। 30 जुलाई से शुरू हुई कथा का मंगलवार 5 अगस्त को समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य जजमान के रूप में कथा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण की कथा सुनी। भगवान शिव की आराधना की और और लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक कथा स्थल पर मौजूद रहे।
सौभाग्य से मिला कथा सुनने का अवसर
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बोल बम समिति के अध्यक्ष दया सिंह के प्रयासों से इतना बड़ा आयोजन हुआ है। पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख से शिव महापुराण का बखान सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस पवित्र सावन माह में शिव महापुराण सुनने लाखों लोग पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमें पंडित प्रदीप मिश्रा को सुनने का मौका मिला। सीएम साय ने पंडित प्रदीप मिश्रा का आभार जताते हुए कहा कि वे देश विदेश में शिव महापुराण कथा कर सत्य सनातन धर्म को मजबूत करने का काम कर रहे हैं इसके लिए उनका बहुत-बहुत आभार है। भगवान भोलेनाथ की कृपा छत्तीसगढ़ पर बनी रहे यही हमारी कामना है।

मुख्यमंत्री साय ने किया पंडित प्रदीप मिश्रा का किया अभिवादन
मुख्यमंत्री साय ने कथा वाचक पं. मिश्रा और व्यास पीठ से जुड़े संत जनों का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिवादन किया। उन्होंने आयोजन समिति को तथा समस्त शिव भक्तों व श्रद्धालुओं को पवित्र श्रावण मास की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में विगत सात दिनों से शिव महापुराण कथा की अविरल धारा बह रही है। उन्होंने कहा समापन दिवस पर कथा में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ वासियों पर बरसती रहे। छत्तीसगढ़ में भगवान महादेव विभिन्न जगहों पर अलग-अलग नाम से विराजमान है। जहां पर लोग श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करते आ रहे है।
जशपुर में मधेश्वर महादेव विराजमान
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जशपुर में मधेश्वर महादेव विराजमान है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। कर्वधा में बाबा भोरमदेव, रायपुर में महेश्वर महादेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव तथा खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान महादेव श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश शिवमय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके गृह ग्राम बगिया में भी फलेेश्वर महादेव विराजमान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महादेव के साथ आदिशक्ति देवी माता की भी कृपा है। दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ में मां बम्बलेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी, सूरजपुर में सूरजगढ़ी माता विराजमान है।

5 प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरीडोर योजना प्रारम्भ
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 5 प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरीडोर योजना प्रारम्भ की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास के समय 10 वर्ष छत्तीसगढ़ में बिताए है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता शबरी के जूठे बेर भी खाए थे। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके है। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है। इस वर्ष भी विगत दिवस रायपुर से तीर्थयात्रियों के दल को रवाना किया गया। ट्रेन में 850 श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई।
तीर्थ दर्शन यात्रा फिर से की गई है शुरू
मुख्यमंत्री ने डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारम्भ तीर्थ दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है। जिससे उन्हे जीवन में आध्यात्मिक आस्था का अनुभव हो रहा है। इस योजना में परित्यक्तता और विधवा महिलाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के सभी तीर्थ स्थलों को विकसित कर रही है। इसी कड़ी में कर्वधा स्थित भोरमदेव के विकास के लिए 146 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।

समापन अवसर पर मुख्यमंत्री साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि भोले बाबा महादेव की कृपा सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। इस अवसर पर विधायक अहिवारा डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर भिलाई नीरज पाल, संभाग आयुक्त एसएन राठौर, आईजी आरजी गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल एवं अन्य अधिकारीगण तथा आयोजन समिति के दयासिंह सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।




