ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: सीएम बघेल आज करेंगेट्राइबल टूरिज्म सर्किट के तहत नवनिर्मित तीन टूरिस्ट रिसार्ट का ई-लोकार्पण…….बिलासपुर के कुरदर, कबीरधाम जिले के सरोधा दादर तथा कोण्डागांव के धनकुल में बने हैं इको-एथनिक रिसॉर्ट
Share
Notification Show More
Latest News
दूसरी तिमाही में वेदांता एल्युमीनियम का शानदार प्रदर्शन; लाभ का आँकड़ा दोगुना होकर 6,187 करोड़ रुपए हुआ, एबिट्डा में बीते वर्ष की समीक्षाधीन अवधि के मुकाबले 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
दूसरी तिमाही में वेदांता एल्युमीनियम का शानदार प्रदर्शन; लाभ का आँकड़ा दोगुना होकर 6,187 करोड़ रुपए हुआ, एबिट्डा में बीते वर्ष की समीक्षाधीन अवधि के मुकाबले 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
October 31, 2026
इसरो ने की नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, सेना होगा फायदा… पीएम मोदी ने दी बधाई
October 31, 2026
कबीरधाम के दिव्यांग तैराकों ने रचा इतिहास, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 8 पदक
October 31, 2026
किसानों की सुविधा के लिए सरकार का बड़ा निर्णय, छत्तीसगढ़ में 360 नए धान खरीदी केन्द्रों की स्वीकृति
October 31, 2026
अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन : हैदराबाद में 78 की उम्र में ली अंतिम सांस
October 30, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

सीएम बघेल आज करेंगेट्राइबल टूरिज्म सर्किट के तहत नवनिर्मित तीन टूरिस्ट रिसार्ट का ई-लोकार्पण…….बिलासपुर के कुरदर, कबीरधाम जिले के सरोधा दादर तथा कोण्डागांव के धनकुल में बने हैं इको-एथनिक रिसॉर्ट

By @dmin Published August 14, 2020
Share
CM Baghel will inaugurate three newly constructed tourist resorts under
CM Baghel will inaugurate three newly constructed tourist resorts under
SHARE

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 अगस्त को दोपहर एक बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के कुरदर हिल इको रिसॉर्ट, कबीरधाम जिले के सरोधा दादर बैगा एथनिक रिसॉर्ट और कोण्डागांव जिले में नवनिर्मित धनकुल एथनिक रिसॉर्ट का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ई-लोकार्पण करेंगे। ट्राइबल टूरिज्म सर्किट स्वदेश दर्शन योजना के तहत ये टूरिस्ट रिसार्ट बनाए गए हैं। गृह, लोक निर्माण और पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश में निर्मित विभिन्न रिसोर्ट पर केंद्रित प्रमोशनल वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रबंध संचालक श्रीमती इफ्फत आरा भी उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ में स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ट्राईबल टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके तहत पर्यटन स्थलों में बुनियादी ढ़ांचा विकसित किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ट्राइबल टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत कुल 13 स्थानों पर 96 करोड़ की लागत से ईको एथनिक टूरिस्ट रिसार्ट निर्मित कराए जा रहे हैं। जिसमें जशपुर, कुनकुरी, मैनपाट, कमलेश्वरपुर (मैनपाट), महेशपुर, कुरदर, सरोधा दादर, गंगरेल (धमतरी), नथियानवागांव, कोण्डागांव, जगदलपुर, चित्रकोट एवं तीरथगढ़ शामिल हैं। इस योजना के तहत क्रमश: कुरदर (बिलासपुर), सरोधा दादर (कबीरधाम) तथा धनकुल (कोण्डागांव) ईको एथनिक रिसार्ट का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जिसका ई-लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 14 अगस्त को करेंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है, यहां वे सारी विशेषताएं उपलब्ध है जिसमें एक पर्यटक की रूचि होती है। हमारे राज्य में धार्मिक, पुरातात्विक एवं प्राकृतिक स्थलों की भरमार है। इसके साथ ही राज्य की पहचान यहां की आदिवासी एवं जनजातीय संस्कृति से भी है। पर्यटकों को अब सामान्य पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति को भी निकट से देखने एवं उनकी विशेषताओं को समझने का अवसर मिलेगा। हमारे प्रदेश में उत्तर में जशपुर से लेकर दक्षिण में कोंटा तक विभिन्न जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य की आदिवासी एवं जनजातीय संस्कृति से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए वर्ष 2016 में ट्रायबल टूरिज्म सर्किट की परियोजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की आदिवासी एवं जनजातीय संस्कृति के वैभव, कला, संस्कृति, परंपरा, हस्तशिल्प और ग्रामीण परिवेश को नजदीक से देखने-समझने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटकों को इको-एथनिक वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने की पहल की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य में अति प्राचीन कई तरह की जनजातियां अपनी समृद्ध लोक परंपरा, संस्कृति, जीवन शैली और अनुष्ठानिक क्रियाओं को अपने आप में सहेजे हुए निवास करती हैं, जो छत्तीसगढ़ को अद्वितीय बनाती है। बिलासपुर जिला मुख्यालय से 52 किलोमीटर एवं बेलगहना से 12 किलोमीटर दूरी पर अचानकमार टाइगर रिजर्व बिलासपुर से लगी पहाड़ी पर स्थित है बैगा विलेज कुरदर। इको डेस्टीनेशन के रूप में कुरदर को विकसित किया गया है। कुरदर हिल इको रिसॉर्ट जहां प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़े आपका हार्दिक स्वागत करती है। घने वनों से आच्छादित छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है।

छत्तीसगढ़ राज्य में धरती और आकाश को मिलते हुए देखने का रोमाचंक एवं अदभुत दृश्य कबीरधाम जिले के सरोधा दादर में देखा जा सकता है। यह चिल्फी घाटी पर स्थित है। एथनिक रिसॉर्ट के व्यू पाइंट से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय कुदरत की खूबसूरती को बहुत ही करीब से देखा जा सकता है। पहाड़ी पर स्थित एथनिक रिसॉर्ट में ट्राइबल थीम पर हट्स, कैफेटेरिया और इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया गया है। यहां से पर्यटक घने वनों से आच्छादित छ.ग. की नैसर्गिक सुंदरता का लुत्फ उठा सकते है। इस एथनिक रिसॉर्ट में छत्तीसगढ़ में पहली बार विदेशों की तर्ज पर पर्यटकों के आवास के लिए वूडन कॉटेज का निर्माण किया गया है। इस रिसॉर्ट में एक भव्य मुक्ताकाश मंच का भी निर्माण किया गया है।

कोण्डागांव जिले की खूबसूरत वादियों में पर्यटकों के लिये इस धनकुल में एथनिक रिसॉर्ट का निर्माण किया गया है। धनकुल एथनिक रिसॉर्ट जनजातीय समुदाय की परंपरागत विशेषताओं को वृहद रूप से सजोएं हुए किसी भी ट्राइबल विलेज से कम नहीं है। यहां आगमन के साथ ही जगदलपुर पैलेस की प्रतिकृति में निर्मित भव्य प्रवेश द्वार अपने वैभवशाली अतीत की कहानी खुद बयां करता है। रिसॉर्ट का प्रत्येक स्थल जनजातीय संस्कृति की अनुपम छटा प्रदर्शित करता है। इस रिसॉर्ट में जनजातीय परपंरागत शैली में संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है, जहां जनजातीय समुदाय के विभिन्न कालखंडो में दैनिक जीवन में उपयोग में लाए जाने वाले दुर्लभ वाद्य यंत्र, कृषि उपकरण, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, ढोकरा शिल्प, टेराकोटा एवं बांस शिल्प से निर्मित विभिन्न कलाकृतियों को धरोहर के रूप में प्रदर्शित किया गया है।

You Might Also Like

दूसरी तिमाही में वेदांता एल्युमीनियम का शानदार प्रदर्शन; लाभ का आँकड़ा दोगुना होकर 6,187 करोड़ रुपए हुआ, एबिट्डा में बीते वर्ष की समीक्षाधीन अवधि के मुकाबले 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई

इसरो ने की नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, सेना होगा फायदा… पीएम मोदी ने दी बधाई

कबीरधाम के दिव्यांग तैराकों ने रचा इतिहास, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 8 पदक

किसानों की सुविधा के लिए सरकार का बड़ा निर्णय, छत्तीसगढ़ में 360 नए धान खरीदी केन्द्रों की स्वीकृति

अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन : हैदराबाद में 78 की उम्र में ली अंतिम सांस

@dmin August 14, 2020
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Corona in Chhattisgarh: The total number of infected persons cross 90 thousand भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 24 लाख के पार….. पिछले 24 घंटे में सामने आए 64553 नए मामले
Next Article World Environment Day: Chief Minister Bhupesh Baghel planted guava, mango and sowing plants in his residence premises सीएम बघेल का बड़ा ऐलान……. तृतीय लिंग वर्ग के आवेदकों को भी अब मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?