रायपुर। छत्तीसगढ़ में ईडी और आईटी की कार्रवाई के बाद सरकार तक बड़ी शिकायत पहुंची है। दरअसल सरकार को पता चला है कि छत्तीसगढ़ में कार्रवाई कर रही केंद्रीय एजेंसियां प्रवर्तन निदेशालय-ED और आयकर विभाग-IT बयान लेने के लिए अफसरों-कारोबारियों को मुर्गा बनाकर पीट रही हैं। इनकी पिटाई से कई लोगों हड्डी टूट गई है और कुछ को सुनाई देना बंद हो गया है। शिकायत मिलने के बाद सीएम बघेल सख्त लहजे में केन्द्रीय एजेंसियों को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है केन्द्रीय एजेंसियों की विधिक ढंग से जांच में सहयोग रहेगा लेकिन ऐसी शिकायतें मिली तो राज्य पुलिस कार्रवाई के लिए विवश हो जाएगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने अधिकारिक ट्विटर पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर केन्द्रीय एजेंसियों को समझाइश ी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि केंद्रीय एजेंसियां देश के नागरिकों की ताकत होती हैं, यदि इन ताकतों से नागरिक डरने लगें तो निश्चित ही यह नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर करती है। ईडी और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें, हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन जिस प्रकार से ईडी और इनकम टैक्स के अधिकारियों के लोगों से पूछताछ के दौरान गैर कानूनी कृत्य सामने आ रहे हैं, वो बिल्कुल भी स्वीकार करने योग्य नहीं हैं।

सीएम ने कहा कि लोगों को वहीं समन देकर जबरन घर से उठाना, उनको मुर्गा बनाना, मार-पीट कर दवाब डालकर मन चाहा बयान दिलवाने को बाध्य करना, आजीवन जेल में सडऩे की धमकी देना, बिना खाना-पानी के देर रात तक रोक कर रखना जैसे गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना सीआरपीएफ को साथ लेकर छापा मारी कर रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत प्राप्त हुई है कि कुछ लोगों को रॉड से पीट रहे हैं, किसी का पैर टूटा है तो किसी को सुनाई देना बंद हो गया है।
इन घटनाओं से प्रदेश की जनता बहुत गुस्से में है। राजनीतिक षड्यंत्र की पूर्ति के उद्देश्य से झूठे प्रकरण बनाने का खेल प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भारत सरकार को इन सब घटनाओं की जानकारी दी जाए और अवैधानिक कृत्यों पर रोक लगायी जाए। जिससे भी पूछताछ हो, उसकी विडियोग्राफी हो। विधिक ढंग से जांच में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा। यदि ऐसी शिकायतें हमें आगे भी प्राप्त होंगी, तो राज्य की पुलिस विधिक रूप से कार्रवाई हेतु विवश होगी। हमारे नागरिकों की सुरक्षा हेतु हम कृत संकल्पित हैं।




