नईदिल्ली (एजेंसी)। वॉशिंगटन जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज नहीं रहे। उनका अमेरिका के न्यू जर्सी में निधन हो गया है। वह 90 वर्ष के थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ था। कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के बाद से पंडित जसराज न्यूजर्सी में ही थे। उन्होंने आज सुबह आखिरी सांस ली।
पंडित जसराज के परिवार ने एक बयान में कहा कि बहुत दुख के साथ हमें सूचित करना पड़ रहा है कि संगीत मार्तंड पंडित जसराज जी का अमेरिका के न्यूजर्सी में अपने आवास पर आज सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। उन्होंने कहा हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान कृष्ण स्वर्ग के द्वार पर उनका स्वागत करें जहां वह अपना पसंदीदा भजन ओम नमो भगवते वासुदेवाय उन्हें समर्पित करें। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। आपकी प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद। बापूजी जय हो। इस साल जनवरी में अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने आखिरी प्रस्तुति नौ अप्रैल को हनुमान जयंती पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकटमोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी। मेवाती घराने के पंडित जसराज खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक थे। उनकी बन्दिशें अत्यधिक लोकप्रिय हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी में भी उनका घर है। वहां उनका संगीत का विद्यालय भी चलता है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पंडित जसराज के निधन पर शोक जताया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वविख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि पंडित जसराज ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को न सिर्फ आगे बढ़ाया बल्कि अपनी गायिकी से भारत देश का विश्व मंच पर मान बढ़ाया है। खयाल शैली की गायिकी पंडित जसराज की विशेषता रही है। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज ने एक अनोखी जुगलबंदी की रचना की, जिसे शास्त्रीय गायन की दुनिया में जसरंगी नाम से जाना जाता है। उनके निधन से भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।




