दुर्ग। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के आईजी द्वारा अपने ही भतीजी को बंधक बनाकर उसे परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में आईजी की भतीजी ने खुद अपनी मौसी को पत्र लिखकर सूचना दी। मामले की जानकारी पटना के महिला विकास मंच के लोगों को लगी तो वे भिलाई पहुंचे और दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा से मदद से बच्ची का रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद बच्ची को सखी सेंटर भेजा गया। रविवार को भतीजी को महिला विकास मंच के सदस्यों के साथ पटना भेज दिया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार महिला विकास मंच के सदस्यों ने जानकारी दी है कि बच्ची के माता पिता की मौत हो चुकी है। इसके बाद से वह अपने चाचा यानी आईजी संजय प्रकाश के यहां पिछले एक साल से रह रही थी। शुरुआत में सबकुछ सही था लेकिन कुछ महीनों से बच्ची अपनी मौसी अनीता शर्मा को सोशल मीडिया के माध्यम से मैसेज कर रही थी कि उसके चाचा उसे कहीं निकलने नहीं दे रहे हैं। एक तरह से उसे बंधक की तरह रखा गया और जल्द यहां से छुड़ाने की बात की।
इसके बाद दानापुर बिहार निवासी बच्ची की मौसी अनीता शर्मा पटना में महिला विकास मंच के पास पहुंची सारी बात बताई। जिसके बाद संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणिमा कुमारी, संरक्षक वीना मानवी और उपाध्यक्ष फहीमा खातून दुर्ग पहुंचे। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा से मिलकर पूरी जानकारी उन्हें दी गई। एसपी शलभ सिन्हा के सहयोग से महिला मंच की टीम सीआईएसएफ के आईजी निवास पर पुलिस के साथ पहुंची। पुलिस की मौजुदगी में बच्ची की काउंसलिंग हुई और बच्ची को सखी सेंटर भिजवा दिया हैं।
इस पूरे मामले में प्रापर्टी का विवाद सामने आया है। बच्ची के पिता बैंक मैनेजर थे और जमीदार परिवार से थे। माता पिता के मौत के बाद इकलौती संतान 22 साल की लड़की को उसके चाचा पिछले वर्ष अपने घर सीआईएसएफ कैंपस उतई ले आए। इसके बाद से यह प्रॉपर्टी विवाद चला आ रहा था। महिलरा मंच के सदस्यो ने बताया कि माता पिता के मौत के बाद जो बच्ची के हिस्से की संपत्ति थी। वह संपत्ति को किसी को नहीं होने देना चाहती है। बच्ची ने बताया कि उसे घर में ही रखा जाता था और बकायदा निगरानी बनाने के लिए तमाम तरीके अपनाए जाते हैं।
एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि पटना से महिल विकास मंच के सदस्यों ने बताया था कि सीआईएसएफ के आईजी संजय प्रकाश ने अपनी भतीजी को बंधक बना रखा है। सूचना के बाद आईजी संजय प्रकाश से संपर्क किया गया। उन्होंने पुलिस के सामने काउंसलिंग कराने की बात कही। इसके बाद महिला विकास मंच के सदस्यों व पुलिस की मौजूदगी में काउंसलिंग हुई और बच्ची अपनी मौसी के पास जाने को तैयार है। शनिवार को बच्ची को सखी सेंटर में रखा गया। अब उसे बिहार भेज दिया जाएगा।




