दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता से किए गए अपने वायदे को निभाते हुए चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्दश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश में अनियमित वित्तीय कंपनियों (चिटफंड कंपनियों) एवं उनके संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रकाई की जा रही है जिसके फलस्वरुप पीडि़तों को उनका डूबा हुआ पैसा वापस मिल रहा है। अधिक ब्याज और जल्दी रकम दोगुनी करने के झांसे में आकर हजारों लोगों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवा दी थी।

शासन और प्रसाशन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर लगातार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टरो को गिरफ्तार करने में दुर्ग पुलिस के द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है। अर्थतत्व क्रेडिट सोसायटी के डायरेक्टर इदरीश अहमद द्वारा आम लोगो को लुभावने आफर देकर जमा रकम कर कम समय में ज्यादा ब्याज दिलाने का भरोसा दिलाकर रकम जमा कराया गया था। समय अवधि पूर्ण होने पर निवेशकों द्वारा अपनी रकम वापस करने की मांग की। लेकिन कंपनी के डायरेक्टर द्वारा रकम वापस नहीं करने पर प्रार्थिया श्रीमती समृद्धि जैन की रिपोर्ट पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 02/2022 धारा 409 भादवि, दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
दुर्ग एसपी शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, संजय ध्रुव तथा नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में अभियान चलाकर चिटफंड कंपनियों के फरार डायरेक्टरो को गिरफ्तार करने निर्देश दिये गये है। अर्थतत्व क्रेडिट सोसायटी एवं संस्कारधानी इन्फ्रा हाउसिंग लिमिटेड का डायरेक्टर इदरीश अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी होते ही डायरेक्टर अपना निवास छोड़कर फरार हो गया था। जिसको लगातार तलाश किया जा रहा था किन्तु आरोपी का कोई पता नहीं चल रहा था। इसी दौरान जानकारी मिली की आरोपी बिलासपुर में रह रहा है। जानकारी मिलते ही सादी वर्दी में पुलिस तैनात किया गया था। जो उनके उपर सतत् निगाह रखे हुए थे। जब पूरी जानकारी होने पर की आरोपी इदरीश अहमद ही है तब सुपेला पुलिस द्वारा तत्काल टीम गठित कर बिलासपुर रवाना किया।
आरोपी को घेराबंदी कर बिलासपुर में बड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा गया। जिसे आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। आरोपी से पुछताछ पर अपना जुर्म स्वीकार किया। आरोपी के विरूद्ध थाना सुपेला, थाना नेवई व अन्य थानो में भी चिटफंड के कई प्रकरण दर्ज है। प्रकरण में चिटफंड की धारा छ0ग0 के निष्पेक्षको के संरक्षण अधि. 2005 की धारा 10 जोड़ी गई। सुपेला पुलिस की इस कार्यवाही से निवेशको द्वारा जमा किये रकम वापस मिलने की सम्भावनाएं बढ़ी है।




