ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: छत्तीसगढ़ में फसलों और मिट्टी-पानी में कीटनाशक अवशेषों की निगरानी करेगा कृषि विश्वविद्यालय
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Other

छत्तीसगढ़ में फसलों और मिट्टी-पानी में कीटनाशक अवशेषों की निगरानी करेगा कृषि विश्वविद्यालय

By Mohan Rao
Published: November 15, 2025
Share
कृषि विश्वविद्यालय करेगा कीटनाशकों के अवशेषों की जांच
SHARE

कृषि विश्वविद्यालय की फाइटोसैनिटरी लैब को मिली भारत सरकार से मान्यता, प्रदेश का एकमात्र केन्द्र

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को एक और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई है। कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित फाइटोसैनिटरी लैब अब छत्तीसगढ़ में विभिन्न खाद्यान्न फसलों, फलों, सब्जियों, आदि के साथ ही मिट्टी, पानी जैसे पर्यावरणीय घटको में भी कीटनाशक अवशेषों की निगरानी करेगी। भारत सरकार के कृषि एवं किसान मंत्रालय द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के आण्विक जीव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला को राष्ट्रीय कीटनाशक अवशेष निगरानी योजना के तहत अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। कृषि विश्वविद्यालय की फाइटोसैनिटरी लैब यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की एकमात्र तथा देश की 36वीं प्रयोगशाला है जिसे इस राष्ट्रीय निगरानी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। 

गौरतलब है कि भारत सरकार की इस योजना का उद्धेश्य खाद्य पदार्था, मिट्टी एवं जल जैसे पर्यावरणीय नमूनों में कीटनाशक अवशेषों की नियमित निगरानी कर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, जल गुणवत्ता का मूल्यांकन करना तथा एकीकृत कीट प्रबंधन एवं उत्तम कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहन देना है। प्रयोगशाला को मान्यता मिलने से प्रदेश के किसानों की फसलों के साथ-साथ यहां की मिट्टी-पानी में भी कीटनाशक अवशेषों की निगरानी हो सकेगी। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रयोगशाला से संबंधित वैज्ञानिकों एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि यह उपलब्धि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक उत्कृष्टता तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं किसान कल्याण के प्रति विश्वविद्यालय की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला की स्थापना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता से हुई है। इस प्रयोगशाला के संचालन के लिए भी केन्द्र और राज्य सरकार से नियमित सहायता प्राप्त हो रही है। प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों, हेवी मेटल्स, सूक्ष्मजीवों आदि की जांच की जाती है जिससे इनके निर्यात हेतु मदद मिलती है।

महीनों से फरार रेप के आरोपी को रांची से ढूंढ लाई जशपुर पुलिस, गिरफ्तार कर भेजा जेल
निर्भया: टल सकती है चारों गुनाहगारों की फांसी
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को अधिकार देकर स्वावलंबनऔर रोजगार से जोड़ने की रणनीति: श्भूपेश बघेल
Empresa Sobre Apostas 1xbet Com Apostas Desportivas Onlin
डेयरी उद्यमिता विकास योजना से सुखसागर को मिला आर्थिक स्वावलंबन
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article ट्रायबल यूथ हॉस्टल नईदिल्ली के दो छात्र यूपीएससी 2025 के साक्षात्कार के लिए चयनित, सीएम साय ने दी बधाई
Next Article वन्यजीव अपराध रोकथाम पर अंतर-एजेंसी बैठक आयोजित, प्रशिक्षण और जागरूकता पर विशेष जोर

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?