चमोली (एजेंसी)। उत्तराखंड के चमोली में बीते रविवार(सात फरवरी) को आई आपदा के बाद से अब तक 164 लोग लापता हैं। वहीं, रैणी और तपोवन क्षेत्र से 38 व सुरंग से तीन शव मिल चुके हैं। आपदा के बाद अब तक कुल 41 शव बरामद हुए हैं। सुरंग में फंसे 32 लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरफ की टीमें लगातार मलबा निकालने में लगी हुई हैं।
डीएम ने किया बैराज साइड का निरीक्षण
तपोवन में दो शव मिलने के बाद जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बैराज साइड का निरीक्षण किया। उनके साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी मौजूद रहीं। डीएम का कहना है कि तलाश अभियान तेजी से चल रहा है। बैकअप में सात एंबुलेंस, पोस्टमार्टम टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रखा गया है। अगर कोई भी व्यक्ति जिंदा बरामद किया जाता है तो उसे तुरंत उपचार देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

उत्तराखंड के थे मृतक
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह मिले शव उत्तराखंड के निवासी थे। शवों की शिनाख्त अनिल सिंह निवासी कालसी और आलम सिंह निवासी लोयर गांव, गुल्लर घाटी के रूप में हुई है। आलम सीनियर इलेक्ट्रॉशियन था, जबकि अनिल वेल्डर था। अन्य लोग सुरंग से कुछ दूर हो सकते हैं। तलाशी अभियान जारी है।
सुबह पांच बजे सुरंग के अंदर से मिले दो शव
उत्तराखंड के चमोली में आपदा के एक हफ्ते बाद तपोवन में सुरंग के अंदर से दो शव बरामद किए गए हैं। चमोली थाना प्रभारी जोशीमठ सतेंद्र सिंह के अनुसार पहला शव सुबह करीब पांच बजे मिला। इसके बाद आगे खोदाई करने पर दूसरा शव बरामद हुआ। 33 लोगों की खोज अभी भी जारी जारी है। चार लोग और दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उनके पास तक नहीं पहुंचा जा सका है।
बता दें कि सुरंग के अंदर से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। रात में जमीन के अंदर सपोर्ट नहीं मिलने पर सुरंग में ड्रिल कार्य बंद कर दिया गया था। चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि निर्धारित दूरी तक ड्रिल के बाद पानी निकल रहा है। सम्भवत: नीचे पानी और मलबा घुसा है। बता दें कि आपदा में अब तक 164 लोग अभी भी लापता हैं। जबकि रैणी और तपोवन क्षेत्र से 38 व सुरंग से दो शव मिल चुके हैं।




