देहरादून (एजेंसी)। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे में दोपहर तक 19 लोगों के शव मिलने की पुष्टि की गई है। उत्तराखंड पुलिस ने अपने ऑफिसियल ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है। उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक कल के हादसे में अभी तक लगभग 202 लोगों के लापता होने की सूचना है, वहीं 19 के शव अलग अलग स्थानों से बरामद किए गए है। शोक और दु:ख की इस घड़ी में प्रशासन आपके साथ है, कृपया सहयोग बनाए रखें। राहत-बचाव कार्य त्वरित रूप से जारी है।
बता दें कि रविवार की सुबह ग्लेसियर टूटने से तबाही मच गई। घटना के बाद लगातार बचाव कार्य जारी है। सोमवार सुबह तड़के चार बजे से बचाव कार्य शुरू हो गया है। जवानों द्वारा सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनमें काफी लोग फंसे हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपये की सहयोग राशि देगी। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य में लगे हैं।
सोमवार को हरकी पैड़ी पर लोगों की भीड़
सोमवार को हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। रविवार को चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा के मद्देनजर यहां गंगा घाटों को सील कर दिया गया था। देर रात यहां पानी छोड़ा गया था। फिलहाल घाटों पर पानी कम है। जिला प्रशासन की पूरी टीम रविवार से ही क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में लगी है। अन्य जिलों से भी अधिकारी मौके पर भेजे गए हैं, ताकि आपदा ग्रस्त इलाकों में जो शव मिलें, उनकी पहचान और पोस्टमार्टम जल्द हो सके। इधर राज्य के मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से इस घटना के कारणों का पता किया जाए, ताकि भविष्य में कुछ एहतियात बरती जा सके।





