बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो आरक्षकों पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जिले के एसपी संतोष सिंह ने पहले तो दोनों को लाइन अटैच किया और उसके बाद विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इनमें से एक आरक्षक पर अवैध वसूली का अरोप है तो दूसरे पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने का। एसपी ने आरक्षकों के इस कृत्य को अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है। वसुलीबाज आरक्षक के खिलाफ मिली शिकायत भी जांच में सही पाई गई इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को थाना चकरभाठा थाना के आरक्षक योगेश साहू व आरक्षक मोरज सिंह ध्रुव को लाइन अटैच कर दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। आरक्षक योगेश साहू के खिलाफ अवैध रूप से फोन-पे के माध्यम से पैसा लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। प्राथमिक जांच में यह सही पाया गया। योगेश साहू के विरुद्ध शिकायत पर और थाना सरकंडा के आरक्षक मोरज सिंह ध्रुव को ड्यूटी के दौरान शराब सेवन किया जाना पाए जाने पर निलंबित कर लाईन अटैच कर विभागीय जांच आदेशित किया गया है।
कॉप ऑफ द मंथ योजना भी होगी शुरू
पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में प्रत्येक माह उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने के लिए कॉप ऑफ द मंथ योजना शुरू की जा रही है। चुने गए कर्मचारियों को नगद इनाम, गुड सर्विस एंट्री व प्रशंसापत्र के साथ ही उनका फोटो समस्त पुलिस कार्यालयों और सभी थाना/चौकी के नोटिस बोर्ड पर पूरे माह के लिए लगा रहेगा। इससे दूसरे पुलिसकर्मी भी अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। एसपी द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जनता से अच्छा व्यवहार, जिम्मेदारी एवम निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को हमेशा सम्मानित किया जाएगा, वही अवैध काम में लिप्त व अनुशासनहीन आचरण करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किया जाएगा।




