जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में तीन दिन पहले हुई हत्या के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जादू टोना के शव में महिला की बेरहमी से हत्या की गई। हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्की महिला का पति व उसकी सौतन के साथ एक दंपति और थी। चारों ने मिलकर महिला के गुप्तांग में लकड़ी डाल दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामला जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र की है।

दरअसल पुलिस को इसकी सूचना 6 मार्च को मिली थी। गट्टी महुआ निवासी प्रार्थी सहलू राम थाने पहुंचकर सूचना दी गई कि उसकी बड़ी बहन गोईदी बाई गट्टी महुवा स्थित अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी हुई है।सूचना पर थाना सन्ना में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया था। मर्ग जांच के दौरान पुलिस द्वारा घटनास्थल निरीक्षण करने पर मृतिका के शरीर तथा आसपास खून के निशान पाए गए। मृतिका के गुप्तांग में गंभीर चोट के चिन्ह मिले। प्रथम दृष्टिया हत्या के संदेह पर पुलिस के द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टर द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु, कठोर व भोंथरे वस्तु से गुप्तांग में गंभीर चोट पहुंचने के कारण होना बताया गया। जिस पर थाना सन्ना में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 103(1),3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को मृतका गोईदी बाई की सौतन फुला बाई पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में फुला बाई ने बताया कि 5 मार्च को उनका पति ठूपन राम, गोईदी बाई व वह स्वयं गट्टी महुवा स्थित घर में थे। इस दौरान दोपहर करीबन 2.00 बजे फूला बाई व गोईदी बाई का किसी बात पर विवाद हो गया था, दोनों के बीच मारपीट भी हुई थी। इसके बाद फूलो बाई व उसका पति ठूपनराम खेत की ओर चले गए। जहां सुनील राम व उसकी पत्नी सुरन्ती बाई खेत में बने एक झोपड़ी में बैठे थे।
कुछ देर बाद गोईदी बाई भी बर्तन धोने के लिए कुआं ढोड़ी की तरफ जाते दिखाई दी। ठूपन राम ने गोईदी बाई को रोका और उसे झोपड़ी में ले गया। झोपड़ी में सभी हडिया पी। इसके बाद सुनील राम ने यह आरोप लगाया कि उसके घर में बच्चा नहीं होने तथा उसके पिता को कैंसर होने के पीछे गोईदी द्वारा जादू-टोना करना है। इसके चलते सुनील राम ने गोईदी के बाल को पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद अन्य ठूपन राम, फुला बाई ने गोइदी के हाथ पैर को पकड़ लिया।
इसके बाद सुरन्ती बाई व उसके पति सुनील राम मिलकर लकड़ी के डंडे को गोईदी के गुप्तांग में डाल दिया। इससे गंभीर चोट होने के कारण गोईदी बाई की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को घर लाकर बिस्तर पर रख दिया और ऊपर कंबल डाल दिया। पुलिस के द्वारा आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा को जब्त कर लिया गया है। आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त सबूत पाए जाने पर ठूपन राम, फुला बाई, सुनील राम व सुरन्ती बाई को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सन्ना उप निरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उप निरीक्षक सिरद साय, महिला प्रधान आरक्षक पुन्नी यादव, व आरक्षक प्रवीण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।




