जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिला की हत्या का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस हत्या का मुख्य आरोपी महिला का पति ही है जिसमें अपने दो भतीजों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। आरोपी पति अपने भतीजों के साथ अपनी पत्नी को कार से लेकर जाता है और घाटी में कार को खाई में ढकेल कर भतीजों के साथ कूद जाता है। यह देख पत्नी भी कार से बाहर कूद जाती है। कार गहरी खाई में गिर जाता है। पत्नी को मारने की यह योजना फेल होने पर पति वहीं पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर देता है। हत्या के बाद भतीजों के साथ मिलकर एक्सीडेंट की खबर फैला देता है। पुलिस को भी एक्सीडेंट की सूचना मिलती है और फिर इस मामले की जांच शुरू होती है। हर एंगल से जांच के बाद पुलिस को पता चलता है कि पति ने ही अपनी पत्नी की हत्या की। घटना के 15 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति व उसके दोनों भतीजों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल यह पूरा मामला जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र का है। बगीचा थाना क्षेत्र के पण्डरापाठ चौकी में कामरीमा निवासी संदीप यादव ने पहुंचकर अपनी चाची प्रमिला यादव की एक्सीडेंट में मौत हो जाने की जानकारी दी। संदीप यादव ने पुलिस को बताया कि प्रमिला यादव 10 फरवरी 2023 को सुबह पांच बजे पवन यादव के साथ में मारूती कार क्रमांक सीजी 04 एचए 6339 से अपने मायके ग्राम जगीमा (शंकरगढ़) जाने के लिये निकली थी। कार को पवन यादव चला रहा था। कामारिमा घाट के पास कार का ब्रेक नहीं लगा और कार का एक्सीडेंट हो गया और वह गहरी खाई में गिर गई। कार में सवार प्रमिला यादव की मौत हो गई। पुलिस ने धारा 279, 304(ए) के तहत मामला पंजीबद्ध कर शव को पीएम के लिए भेजा।
पीएम रिपोर्ट से हुई हत्या की पुष्टि
पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई तो पुलिस ने जांच का एंगल बदल दिया। इसके बाद घटना स्थल की बारिकी से जांच की गई। शक के आधार पर पवन यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुला। दरअसल प्रमिला यादव अपने पति अर्जुन यादव के चरित्र पर शंका करती थी और इस बात को लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा होता था। रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर अर्जुन यादव ने अपनी पत्नी की हत्या करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने दो भतीजों पवन यादव व आलोक यादव को साथ मिलाया।
पत्नी के मायके जाते समय बनाया प्लान
अर्जुन यादव ने भतीजों को बताया कि 10 फरवरी को उसकी चाची मायके जाएगी। उसे छोड़ने के बहाने घाटी में लेजाकर कार को खाई में गिरा देंगे और इसे एक्सीडेंट साबित कर देंगे। योजना के अनुसार 10 फरवरी की सुबह लगभग 4 बजे अर्जून यादव ने फोन कर पवन यादव एवं अलोक यादव को अपने पास बुलाया। प्रमिला यादव को लेकर अलोक यादव, पवन यादव और अर्जुन यादव कार में सवार होकर अपने घर से निकले।
अर्जुन यादव कार को चलाते हुये कामारिमा घाट के पास ले गया एवं वाहन को धीरे करके खाई तरफ मोड़ कर वह गाड़ी से कूद गया। इसके बाद पवन यादव एवं अलोक यादव भी कूद गए। प्रमिला यादव सबको वाहन से कूदते हुए देखी तो व भी कार से कूद गई। इसके बाद कार लगभग 25 फीट नीचे खाई में गिरकर पेड़ से टकराई। इसके बाद प्रमिला यादव वहां से भागने लगी तो अर्जून यादव ने उसे पकड़कर खाई में कार के पास ले गया। वहां पर उससे मारपीट की और गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसमें दोनों भतीजों ने भी अर्जुन यादव का साथ दिया। इसके बाद पवन यादव से कहा कि गांव में फोन कर प्रमिला यादव की एक्सीडेंट में मौत होने की खबर भेज दो।
घटना के बाद अर्जुन यादव तथा अलोक यादव अपने घर चले गये। पवन यादव ने फोन कर संदीप यादव को बताया, फिर संदीप यादव तथा गांव के अन्य लोग घटनास्थल पहुंचे और इसकी शिकायत दर्ज कराई। बाहरहाल पुलिस ने इस मामले में अर्जुन यादव (40)] पवन यादव (25) व अलोक यादव (28) गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।




