नक्सलियों ने 15 फरवरी तक का मांगा समय, पीएलजीए सप्ताह भी रद्द करने की बात कही
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की लगातार बढ़ती कार्रवाई का असर अब वृहद पैमाने पर दिख रहा है। पांच दिन पहले आंध्र प्रदेश के मारेडमिल्ली में कुख्यात नक्सली हिडमा व उसकी पत्नी राजे का एनकाउंटर हुआ। हालांकि नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने इसे फर्जी बताया। अब नक्सलियों की केन्द्रीय कमेटी ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों को छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत ने एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार ‘नक्सली सप्ताह’ न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है। कमेटी ने 15 फरवरी तक का समय मांगा है ताकि वे विधिवत सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करें।
एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविश व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम संयुक्त रूप से पत्र जारी किया है। पत्र में तीनों राज्यों की सरकारों से यह निवेदन किया गया है कि वे उन्हें 15 फरवरी 2026 तक का समय दें। प्रवक्ता ने यह भी स्वीकार किया कि यह समय सरकार द्वारा माओवाद समाप्ति के लिए तय की गई समय-सीमा (31 मार्च 2026) के दायरे में ही है। पत्र में लिखा है कि एमएमसी स्पेशल जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास और पुनर्निर्माण योजना को स्वीकार करना चाहती है। इसके लिए तीनों राज्यों की सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे उन्हें कुछ समय प्रदान करें।
सोनू दादा के सरेंडर का किया समर्थन
पत्र में प्रवक्ता अनंत ने कहा है कि पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड सोनू दादा ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए हथियार त्यागकर सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से विराम देने का जो निर्णय लिया है, उसका एमएनसी स्पेशल जोनल कमेटी समर्थन करती है। एमएमसी सतीश दादा के बाद हाल ही में एक और एमएमसी कॉमरेड चंद्रत्ना ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। उन्होंने तीनों सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे थोड़ा संयम बरतें और अपने सुरक्षा बलों के अभियानों को रोक दें।
नहीं मनाएंगे पीएलजीए सप्ताह
नक्सली प्रवक्ता ने पत्र के माध्यम से विश्वास दिलाया है कि उनकी कमेटी इस बार पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाएगी। उनकी तमाम गतिविधियां विराम पर रहेंगी। प्रवक्ता ने कहा कि तीनों राज्य की सरकारें इस बीच हमें, कुछ जनप्रतिनीधियों से और कुछ पत्रकारों से भी मुलाकात करने का मौका दें, ताकि हम सामुहीक रूप से हत्यार त्यागकर सरकार के पुनर्वास योजना को स्विकारने की निश्चित तारिख की जल्द घोषणा कर सकें। किंतु यह तभी संभव हो पाएगा, जब सुरक्षा बलों के अभियानों को उक्त निश्चित तारिख तक अस्थाई रूप से रोक दिया जाएगा और उक्त प्रक्रिया के लिए सरकार अपनी और से अनुकुल माहौल बनाए।
सोनु दादा और सतीश दादा से की अपील
प्रवक्ता अनंत ने पत्र के माध्यम से सोनु दादा और सतीश दादा से भी यह अनुरोध करते हैं कि, वे हमारी बात को तीनों राज्यों की सरकार के पास रखें, और हमें पर्याप्त समय देने की मांग रखखें। हम्, जनहितैषी जनप्रतिनीधियों से, पत्रकारों से और यु-ट्युबर्स पत्रकारों से भी यह अनुरोध करते हैं कि वे इसमें सरकार और हमारे बीच मध्यस्तता करें और हमारे अपील पर गौर करने के लिए सरकार से बात करें। इसके अलावा वे अपने यु-ट्युब चैनलों पर भी इस समाचार को कवर करें। हम चाहते हैं कि वे इस मामले में MMC जोन में उसी तरह की भूमिका निभाए, जिसतरह उन्होंने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में निभाया था।





