रायपुर Raipur. केंद्र सरकार ने चुनावी वर्ष में किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। धान सहित विभिन्न फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। धान के समर्थन मूल्य में सरकार ने 143 रुपए की वृद्धि की है। वहीं अन्य फसलों का समर्थन मूल्य भी बढ़ाया है। केन्द्र सरकार की एमएसपी में वृद्धि के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसानों के साथ नाइंसाफी है। केन्द्र सरकार की धान पर एमएसपी में बढ़ोत्तरी काफी कम है। देश के किसानों को इससे ज्यादा की उम्मीद थी।
बता दें बुधवार को केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने विपणन सत्र 2023-24 के दौरान सभी स्वीकृत खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने फसल उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और फसलों में विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विपणन सत्र 2023-24 हेतु खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है। इसमें सर्वाधिक वृद्धि तिल की फसल में एवं न्यूनतम वृद्धि मक्का में की गई है। वहीं लागत से अधिक लाभ वाली फसल में बाजरा के भाव सबसे अधिक है।
केन्द्र के पास देने को पैसा नहीं
बिलासपुर में कांग्रेस के संभागीय सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि कहा कि केंद्र के पास देने के लिए पैसा नहीं है। चुनावी वर्ष में उम्मीद थी कि किसानों के लिए बेहतर होगा, लेकिन धान में प्रति क्विंटल 143 रुपए की बढ़ोतरी किसानों के साथ नाइंसाफी है। यह समर्थन मूल्य बहुत कम है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के समय 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी। इस बार देश भर के किसान आंदोलनरत हैं। फिर भी 133 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो आंदोलनरत किसानों के साथ अन्याय और नाइंसाफी है।
एक नजर में देखें में फसलों पर कितनी बढ़ी एमएसपी





