भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग का पिछले 8 सालों से 6 लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया जा रहा था। नाबालिग जब 14 वर्ष की थी तब से उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रसुकदारों ने नाबालिग को पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगाने का झांसा दिया था। इस मामले में एक दिन पहले महिला थाना पुलिस ने अपराध दर्ज किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल वारदात के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक 30 जनवरी को पीडि़ता अपनी माता के साथ थाना पहुंची और लिखित आवेदन प्रस्तुत की। आवेदन में उल्लेख किया गया कि अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 की अवधि के दौरान पीडि़ता के नाबालिग होने की जानकारी होते हुए भी कुल 6 आरोपियों द्वारा पीडि़ता के साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की जाती रही। प्राप्त रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक पंजीबद्ध कर धारा 65(1), 70(2) बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6, 12 के अंतर्गत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए विजय स्वाइन (37 वर्ष) निवासी दुर्गा नगर पश्चिम भिलाई और अनिल चौधरी (60 वर्ष) निवासी जोन 1 को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
सामूहिक दुष्कर्म कांड में रसुकदारों का नाम
सामूहिक दुष्कर्म की पीडिता नाबालिग से अब बालिग हो गई है। 8 सालों से उसके साथ 6 लोगों द्वारा हैवानियत की जा रही थी। बताया जा रहा है नाबालिग को पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगाने का झांसा दिया गया और उसके बाद उसे इन लोगों द्वारा हवस का शिकार बनाया गया। इस दुष्कर्म कांड में शहर के रसुकदारों के नाम है। पुलिस ने फिलहाल उनके नाम उजागर नहीं किए हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य के आधार पर जांच की जा रही है। घटना के चार आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।




