महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने तुमगांव थाना क्षेत्र के कोडार डेम जंगल में एक साल पहले मिले अज्ञात महिला के जले हुए शव के अंधे कत्ल का खुलासा किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आरोपी सूरज ध्रुव को गिरफ्तार किया है, जो लालच और लूट के इरादे से महिला की हत्या कर शव को जलाने का दोषी पाया गया है। आरोपी के पास से महिला के पहने हुए गहने और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

दरअसल इस मामले में 2 अप्रैल 2025 को प्रार्थी देवदास चेलक ने तुमगांव थाना क्षेत्र के कोडार डेम के सागौन जंगल में एक अज्ञात महिला का जला हुआ और क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना दी थी। इसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। सबसे बड़ी चुनौती अज्ञात महिला की पहचान करना था। पुलिस ने डीएनए टेस्ट की मदद से मृतिका की पहचान सुनीता रजक, पत्नी राजेश रजक, उम्र 55 वर्ष, निवासी धमतरी के रूप में की।
रिश्तेदार के घर आई थी महिला
मृतिका सुनीता रजक की पहचान के बाद, परिजनों ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन के घर ग्राम पटेवा मड़ई मेला देखने आई थी। 30 जनवरी 2025 को वह पटेवा से महासमुंद जाने के लिए एक अज्ञात व्यक्ति से मोटरसाइकिल में लिफ्ट लेकर निकली थी, जिसके बाद से वह लापता थी। इस संबंध में थाना पटेवा में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी।
सालभर की मेहनत के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
अज्ञात महिला के शव की पहचान होने के बाद, पुलिस ने आरोपी की पतासाजी के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। टेक्निकल टीम की एक साल की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को सूरज ध्रुव, पिता हृदय ध्रुव, निवासी ग्राम खुंटेरी, थाना खल्लारी के बारे में सुराग हाथ लगे।
लालच और लूट बनी हत्या का कारण
पूछताछ में सूरज ध्रुव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह पहले भी 1 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी संतोषी ध्रुव की हत्या के मामले में तुमगांव थाने में दिसंबर 2024 तक जेल की सजा काट चुका है। जेल से छूटने के बाद वह अपने बहन और जीजा के घर ग्राम कौंवाझर में रह रहा था और अपने जीजा की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करता था। 30 जनवरी 2025 को, सूरज ध्रुव मोटरसाइकिल लेकर पटेवा बस्ती की ओर घूमने गया था। वहां वापसी के समय, ग्राम पटेवा के नंदी चौक के पास एक महिला (सुनीता रजक) ने उससे लिफ्ट मांगी। सूरज ने उसे महासमुंद ले जाने और शाम को छोड़ने का झांसा देकर, कोडार डेम घुमाने के लिए ले गया। वहां उसने महिला को काम दिलाने और अपने साथ रखने का लालच दिया और उसे अपने जीजाजी के घर के पीछे एक बंद पड़े घर में रहने की व्यवस्था कर दी।
लालच बढ़ा, हत्या को अंजाम दिया
करीब डेढ़ महीने बाद, जब महिला ने अपने घर लौटने की जिद की और उससे लड़ाई करने लगी, तब सूरज के मन में लालच आ गया। उसने महिला सुनीता रजक को लूटने की योजना बनाई। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में, एक शाम करीब 7:00-7:30 बजे, उसने महिला को खाना खिलाया और उसे महासमुंद छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल में बैठाकर कोडार बस्ती पार करके कच्ची सड़क वाले सागौन प्लाट में ले गया। सुनसान जंगल देखकर, सूरज ने मोटरसाइकिल खराब होने का बहाना बनाकर उसे रोका। महिला को गाड़ी से उतारकर, उसने पीछे से उसकी साड़ी खींचकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद, उसने महिला के पहने हुए सोने-चांदी के गहने उतार लिए और शव को पहचान छुपाने के लिए आसपास से सूखे पत्ते और लकड़ी डालकर जला दिया। उसने महिला के बैग, सैंडल, दवाई और अन्य सामानों को भी जला दिया और मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतिका द्वारा पहने गए दो नग सोने के टॉप, दो नग चांदी के पायल, 06 नग चांदी की बिछिया, मृतिका के बैग में रखा सोने का झुमका का एक नग, और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (सीजी 06 जीए 3140) को जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।




