रायपुर। बीजापुर में सीआरपीएफ, एसटीएफ, कोबरा बटालियन के जवानों को एंबुश में फांसकर फायरिंग मामले में 23 जवान शहीद हुए हैं। इनमें डीआजी के 8, एसटीएफ के 6, कोबरा बटालियन के 8 और बस्तर बटालियन के 1 जवान शामिल है। इनमें कोबरा के एक इंस्पेक्टर और डीआरजी के एक सब इंस्पेक्टर भी हैं। मुठभेड़ में 30 से ज्यादा जवान घायल हैं। इनमें 16 सीआरपीएफ के हैं। जिनमें से 7 को रायपुर में भर्ती कराया गया है।
डीजी नक्सल ऑपरेशन अशोक जुनेजा ने बताया कि मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी नुकसान हुआ है। सूचना के आधार पर 3 से 4 ट्रकों से घायल और मृत नक्सलियों को उनके साथियों ने ट्रांसपोर्ट किया है। डीजी जुनेजा ने बताया कि बासागुड़ा और जगरगुंडा में तर्रेम के बाद कैंप बनना था। इससे बनने से हम दक्षिण में 12 किमी तक एक्सेस कर लेते और नक्सली कॉरिडोर को बंद कर देते। नक्सली ऐसा नहीं चाहते थे। इसके चलते उन्होंने इसे अंजाम दिया। इस मुठभेड़ के बाद रायपुर पहुंचे सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि घटना स्थल पर जाने की प्लानिंग है। देखेंगे कि नक्सलियों ने अपनी स्ट्रेटजी में क्या बदलाव किया है। इसके आधार पर हम भी बदलाव करेंगे। उन्होंने कहा कि 5 बटालियन फोर्स और आई है। इससे नक्सलियों को असुविधा हो रही है। अब तो और जल्दी कैंप लगेंगे।









