भिलाई। विगत दिनों चंदूलाल चंद्राकर चिकित्सा महाविद्याल्य कचांदूर में छेड़छाड़ सहित बहुत सारी समस्याओं का मामला सामने आया है। जिसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) व चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अस्पताल परिसर में ही प्रदर्शन किया। वहीं कुछ छात्राओं के साथ चिकित्सा महाविद्यालय के कर्मचारी के द्वारा छेड़छाड़ की गई थी जिसकी जानकारी चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन को मौखिक रूप से छात्राओं के द्वारा दी गई थी। उसके बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जो कि छात्राओं के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाता है जो उचित नहीं है। एबीवीपी व छात्र-छात्राओं ने दोषी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कन्या छात्रावास के छात्रावास अधीक्षक का छात्राओं के साथ रवैया उचित नहीं है छात्रावास अधीक्षक के द्वारा छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हुए तानाशाही रवैया अपनाया जाता है। महाविद्यालय छात्रावास के मेस में स्वच्छता शुद्धता एवं गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण बहुत से छात्र-छात्राओं पर सीधा उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं ने जल्द से जल्द महाविद्यालय छात्रावास के मेस में सुधार कार्य किए जाने की मांग की है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर
महाविद्यालय छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं ने कई बार मौखिक रूप से महाविद्यालय प्रशासन को दूषित भोजन एवं दूषित जल, गुणवत्ता हीन भोजन, प्रशासन के द्वारा निर्धारित किए गए भोजन के मीनू का पालन ना किये जाने की शिकायत की गई थी। उसके बावजूद भी महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा किसी भी तरह की भी कोई भी कारवाई नहीं की गई। न जाने क्यों महाविद्यालय प्रशासन इस लापरवाही को दबाने का प्रयास कर रही है।
सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़
छात्राओं के छात्रावास में किसी भी तरह के सुरक्षा कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति नहीं की गई है, जोकि छात्राओं की सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही दर्शाता है और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता है। शीघ्र अति शीघ्र सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति की जाए। उपरोक्त समस्त समस्याओं से यह जानकारी प्राप्त होती है, कि महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा जानबूझकर लापरवाही को नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ ही साथ गलतियों को छुपाने का प्रयास भी किया गया। समस्त समस्याओं का निराकरण महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा जल्द से जल्द नहीं किया जाता है, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगी और इसकी संपूर्ण जवाबदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।




