भिलाई। बीएसपी में डीजीएम प्रोजक्ट और एचसीएल में सीएमडी रहे संतोष शर्मा के घर शुक्रवार सुबह सीबीआई ने छापा मारा है। इस घोटाले से बीएसपी के पूर्व डीजीएम रहे संतोष शर्मा का नाम मध्यप्रदेश के मलाजखंड मे ंएक प्लांट निर्माण में हुई आर्थिक अनियमितता से जोड़ा जा रहा है। हालांकि इस कार्रवाई की पुख्ता जानकारी सीबीआई ने नहीं दी है कि आखिर छापा किस वजह से मारा गया। सीबीआई ने इस कार्रवाई की भनक पुलिस को भी नहीं लगने दी। पुलिस की स्पेशल ब्रांच को खबर लगते ही वह भी संतोष शर्मा के सेक्टर 2 के एवेन्यू बी में मौजूद क्वार्टर नंबर 11 डी के सामने पहुंची। यहां करीब 3 बजे तड़के सीबीआई ने छापा मारा । 2013 में बीएसपपी से वीआर लेने के बाद संतोश शर्मा ने हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड में सीएमडी के रूप में ज्वाइन किया था और तीन साल पहले वे रिटायर्ड हुए। सुबह सीबीआई की रेड के वक्त वे सेक्टर 2 वाले घऱ पर ही थे। उनके घर पर कई घंटे से टीम दस्तावेज खंगाल रही है । 5 सदस्य टीम के अलावा शहर के तालपुरी, मैत्री कुंज , भी छापे की खबर है हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मैत्री कुंज और तालपूरी के जिन ठिकानों में टीम पहुंची है।

यह बात आई सामने
चर्चा है क एचसीएल में सीडीएम रहने के दौरान कंपनी ने मध्यप्रदेश के मलाजखंड में करीब 2 सौ करोड़ की लागत से कॉपर के रॉ मटेरियल से सोना निकालने का एक संयंत्र लगाने का प्रोजेक्ट बना था। इस ठेके में एचसीएल के सीएमडी होने की वजह से संतोष शर्मा की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। क्योंक जस कंपनी को संयंत्र लगाने का काममिला था उसे काम शुरू होने के पहले ही 10 करोड़ का भुगतान कर दिया गया था और कंपनी काम शुरू करने के पहले ही भाग गई। शुरुआती जांच में सीएमडी रहे शर्मा और एचसीएल के ही एक ईडी को दोषी माना गया और मामला सीबीआई को सौंपा गया।
अंंतिम भुगतान रोकने की खबर
बताया जा रहा है क इस जांच के बाद रिटारयमेंट के बाद मिलने वाले संतोष शर्मा के अंतिम भुगतान को भी रोक दिया गया है।
मकान के बाहर सन्नाटा
सेक्टर-27 यूपी में जहां मकान नंबर 11 डी में छापा पड़ा है वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ है ।सीबीआई की टीम ने अंदर जाने के बाद बाहर अपनी गाड़ी भी वहां से हटा ली है। छापे की खबर लगते ही पुलिस की टीम भी यहां जायजा लेने पहुंची।




