भिलाई। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंची। कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने आरक्षण विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे एक संवेदनशील पर पर हैं जहां वे कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं करती। आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 सवाल किए हैं। इन सवालों का जवाब आ जाए तो फिर इस पर विचार किया जाएगा।

राज्यपाल अनुसुइया उइके आज दुर्ग स्थित भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 1997 के पासआउट की सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन फंक्शन में पहुंची थी। कार्यक्रम के बाद वे मीडिया से बचती दिखीं। बाद में उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान सिर्फ यही कहा कि मैंने सरकार से 10 प्रश्न किया है जवाब मिलने के बाद ही सोच विचार कर कार्य करूंगी। इसके आगे कुछ नहीं कहना कहकर चली गईं।
बता दें छत्तीसगढ़ विधानसभा के आरक्षण बिल पास होने के बाद राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए रुका हुआ है। इसे लेकिर राज्यसरकार राज्यपाल के रवैय्ये पर हमलावर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई मौकों पर कह चुके हैं कि राज्यपाल अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बिल के राज्यपाल के पास रुकने को लेकर भाजपा पर आरोप लगाया है। उन्होंने यहां तक कहा है कि राज्यपाल केन्द्र सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं जबकि उन्हें छत्तीसगढ़ के हजारों छात्रों व इस बिल की वजह से सरकारी योजनाओं की फिक्र करनी चाहिए।




