भिलाई। केन्द्र सरकार ने दोनों सदनों में किसानों संबंधित तीन बिल पास करा दिए। इसके विरोध में विपक्ष खुलकर खड़ा हो गया है। एक ओर जहां केन्द्र सरकार इन बिलों को किसानों के हित से जुड़ा बता रही है वहीं इसमें कई बिंदुओं स्पष्ट नहीं किया गया है। इसे लेकर देशभर में कांग्रेस विरोध कर रही है। इसी कड़ी में भिलाई शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती तुलसी साहू ने इस बिल को किसानों को गुलाम बनाने वाला कहा है।

श्रीमती तुलसी साहू ने आज एक बयान जारी कर कहा है कि इस बिल के जरिए केन्द्र सरकार किसानों को भी कार्पोरेट घरानों के हवाले कर रही है। बिल में महत्वपूर्ण बिंदु को दकिनार किया गया है और वह है न्यूनतम समर्थन मूल्य। बिल के कहीं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का जिक्र नहीं है। ऐसे में किसान को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिलेगा। इस बिल के प्रभाव से खेती किसानी को भी कार्पोरेट घरानों की सौंपने की योजना केन्द्र सरकार बना रही है।
श्रीमती तुलसी साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को 25 सौ रुपए धान का समर्थन मूल्य देने प्रतिबद्ध है। ऐसे में यदि केन्द्र सरकार का यह बिल कानून का रूप ले लेगा तो किसानों के हक का पैसा उन्हें नहीं मिलेगा। आज प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में काम कर रही है केन्द्र सरकार के इस बिल से किसानों का हित कम और अहित ज्यादा होगा। यही नहीं किसानों को इस बात की गारंटी भी नहीं मिलेगी कि उनके द्वारा बेचे गए फसल का भुगतान कैसे होगा।




