भिलाई (श्रीकंचनपथ एक्सक्लूसिव) । भले ही वैशाली नगर क्षेत्र में अब तक भाजपा का खासा दबदबा रहा हो, किन्तु इस बार बदली हुई परिस्थितियों का इशारा कुछ और ही है। दरअसल, परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आई दुर्ग जिले की इस सीट पर अब तक कुल 4 चुनाव हुए हैं, जिनमें से 3 बार भाजपा को जीत मिली। शायद यही वजह है कि वैशाली नगर को भाजपा का गढ़ माना गया। ऐसा माना जाना जायज भी था, क्योंकि 2018 के पिछले चुनाव में जब पूरे राज्य से सत्तारूढ़ भाजपा का सूपड़ा साफ हो रहा था और दुर्ग जिले में भी पार्टी की लाज सांसत में थी, उन परिस्थितियों में भी वैशाली नगर ने भाजपा को निराश नहीं किया था। प्रदेश में सत्ता बदली तो स्थानीय समीकरण भी बदले और उसी के बाद से कांग्रेस ने वैशाली नगर में अपनी ‘जमीन’ को उपजाऊ बनाना शुरू किया।

आज यदि इस क्षेत्र में भाजपा के प्रति नागरिकों में नाराजगी झलक रही है तो उसकी बहुत सारी वजहों में से एक, कांग्रेस का सशक्त विकल्प के रूप में सामने आना भी है। वैशाली नगर में लगातार दो बार केसरिया परचम लहराने वाले वरिष्ठ नेता विद्यारतन भसीन का हालिया निधन पार्टी को बुरी तरह आहत कर गया। लेकिन, क्योंकि अब विधानसभा चुनाव को महज 5-6 महीने का वक्त ही है, और इससे भी पहले आचार संहिता लगना तय है, ऐसे में यह क्षेत्र करीब 6 माह के लिए नेतृत्वविहीन रहेगा। जाहिर है कि इसका पूरा फायदा उठाने में कांग्रेस पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अब तक क्षेत्र का विकास अवरूद्ध रहा और इसका ठीकरा भी भाजपा और उसके विधायक के सिर फोड़ा जाता रहा, किन्तु अब बचे हुए कुछ महीनों में वैशाली नगर क्षेत्र को शायद विकास की कुछ झलक दिख जाए।
भाजपा के ध्वस्त कैडर के विरूद्ध कांग्रेस ने अंतिम पंक्ति तक पैठ बनाने के प्रयास किए हैं, इसका उसे कितना फायदा मिलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन कांग्रेस से मिल रही चुनौतियों के चलते यह जरूर कहा जा सकता है कि भाजपा के लिए इस बार वैशाली नगर का चुनाव लोहे के चने चबाने जैसा होगा। एक अनार, सौ बीमार वर्तमान में भाजपा में भसीन के विकल्प पर आंतरिक तौर पर मंथन चल रहा है, किन्तु सूत्रों की मानें तो हालात बेहद खराब है। छुटभैय्ये नेता से लेकर कई बड़े नामी लोग स्वयं को बतौर दावेदार पेश हो रहे हैं। कुछेक नेता तो जीत का दावा भी करते नजर आते हैं। हालांकि जमीनी हकीकत इन दावों से जुदा है।
इस बार वैशाली नगर के नतीजों से जिले के दिग्गज कांग्रेस नेताओं की इज्जत जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की अपेक्षाएं जिला संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं से बढ़ी हुई है। वैसे, कांग्रेस में इस क्षेत्र से टिकट दावेदारों की लम्बी फेहरिश्त है। डॉ. रमन की अपेक्षाओं पर उतरे खरे 2018 के चुनाव की बात करें तो यह वह वक्त था, जब भाजपा लगातार तीन बार सत्ता-सागर में गोते लगाकर अति-आत्मविश्वास से लबरेज थी। वैशाली नगर में प्रत्याशी बदले जाने की चर्चाएं आम थीं, किन्तु टिकट वितरण के लिए बैठे वरिष्ठ नेताओं में जब आपसी सामंजस्य नहीं बन पाया तो अंतिम समय में तत्कालीन विधायक श्री भसीन को ही रिपीट करने का निर्णय लिया गया। श्री भसीन वरिष्ठ नेताओं की अपेक्षाओं पर बखूबी खरे उतरे। कांग्रेस ने इस बार क्षेत्र में कुछ नया करने के गुणा-भाग के तहत बदरूद्दीन कुरैशी को मैदान में उतारा। श्री कुरैशी, भिलाई नगर से चुनाव लड़ते रहे। वे विधायक रहे तो मंत्री पद पर सुशोभित हुए, किन्तु वैशाली नगर में श्री कुरैशी पर दांव लगाना कांग्रेस के खिलाफ गया।
उपचुनाव में मिली कांग्रेस को जीत 2013 के चुनाव में भाजपा में नए और स्थानीय चेहरे की तलाश चल रही थी। ऐसे ही समय में भिलाई के तत्कालीन महापौर विद्यारतन भसीन का नाम फायनल हुआ और श्री भसीन ने भी 70 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज कर भाजपाई परचम लहराया। श्री भसीन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने तत्कालीन विधायक भजनसिंह निरंकारी को मैदान में उतारा था, जिन्होंने 2009 में हुए उपचुनाव में जीत हासिल की थी। दरअसल, परिसीमन के बाद जब 2008 में यह सीट सृजित हुई तो भाजपा ने यहां से दुर्ग की महापौर सरोज पाण्डेय को मैदान में उतारा था। वैशाली नगर के मतदाताओं ने सुश्री पाण्डेय को 20 हजार से ज्यादा मतों से जीत दिलाई, किन्तु भाजपा ने कुछ ही महीनों बाद उन्हें लोकसभा का भी प्रत्याशी बना दिया। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सुश्री पाण्डेय ने विधायकी छोड़ दी थी।
हर वार्ड में किया जा रहा है संपर्क
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर वैशाली नगर कांग्रेस अपनी पूरी तैयारियों के साथ लगी हुई हैं। बूथ चलो कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हर वार्ड में पहुंच रहे हैं। वार्ड वार लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इस बार कांग्रेस पार्टी वैशाली नगर का सूखा खत्म करेगी और हमारे प्रत्याशीी को यहां से विजयश्री मिलेगी।
मुकेश चंद्राकर, अध्यक्ष, भिलाई शहर जिला कांग्रेस
इस बार भाजपा ही जीतेगी
वैशाली नगर विधानसभा भाजपा का गढ़ रहा है और इस बार भी भाजपा ही जीतेगी। कांग्रेस के राज में वैशाली नगर क्षेत्र से भेदभाव किया गया है। सारे विकास कार्यकार्य भिलाई नगर में हुए और वैशाली नगर में कोई काम नहीं हुआ। हम वार्ड भ्रमण कर लोगों को भाजपा के 15 साल व कांग्रेस के 4 सालों की सच्चाई बता रहे हैं।
बृजेश बिचपुरिया, अध्यक्ष, भिलाई जिला भाजपा




