बिलासपुर। रेलवे क्षेत्र के फुटबॉल खिलाड़ी व शहीद वीर पंकज सिंह अवार्ड से सम्मानित जावेद खान ने मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 से अधिक बेरोजगारों से करीब 55 लाख रुपए की ठगी की। चार साल बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली, तो पीडि़तों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने जावेद को गिरफ्तार कर लिया।

तखतपुर के ग्राम निगारबंद निवासी दीपक राजपूत (29) नेहरू नगर में किराए के मकान में रहकर पुलिस भर्ती की फिजिकल तैयारी कर रहा था। इसी दौरान वर्ष 2021-22 में उसकी पहचान रेलवे कॉलोनी के जावेद खान से हुई, जिसने खुद को फुटबॉल खिलाड़ी और अमेठी यूनिवर्सिटी का प्रशिक्षक बताया। जावेद ने मंत्रालय में ऊंचे संपर्कों का हवाला देते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। दीपक को झांसे में लेने के बाद जावेद ने उसे अपने अन्य बेरोजगार मित्रों को भी लाने को कहा। इसके बाद दीपक ने अनीश राजपूत, प्रताप राजपूत, जगमीत सिंह खालसा, हर्षवर्धन ठाकुर, शिल्पा ठाकुर, अविनाश साहू और श्यामू कश्यप सहित कई अन्य लोगों को जावेद से मिलवाया।

जावेद ने बेरोजगारों को मंत्रालय में 15-20 लोगों को पहले भी नौकरी दिलाने की बात कहकर भरोसा दिलाया। उसने आधी रकम पहले और शेष रकम नौकरी लगने के बाद देने की शर्त रखी। इसी बहाने उसने दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच दीपक से 5 लाख, अनीश से 8 लाख, जगमीत से 6.50 लाख, श्यामू से 4.50 लाख, सूरज राजपूत से 5 लाख, शिल्पा ठाकुर से 4 लाख और हर्ष ठाकुर से 4 लाख समेत कुल 55 लाख 80 हजार रुपए ले लिए। जावेद ने सिर्फ पैसे ही नहीं लिए, बल्कि बेरोजगारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति, निवास और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज भी जमा करवा लिए। कई महीनों तक जब कोई नौकरी नहीं मिली, तो ठगे गए युवकों ने जावेद से अपने पैसे वापस मांगे। पहले तो वह बहाने बनाता रहा, लेकिन बाद में उसने अपना मोबाइल नंबर ही बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर दीपक और अन्य पीडि़तों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। कई महीनों की मशक्कत के बाद 2 अप्रैल को आरक्षक आशीष राठौर की सूचना पर पुलिस ने जावेद खान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जावेद खान एक शानदार फुटबॉल खिलाड़ी रहा है। वह छत्तीसगढ़ की ओर से 5 बार संतोष ट्रॉफी खेल चुका है और छत्तीसगढ़ सरकार से शहीद वीर पंकज सिंह अवार्ड व 25 हजार रुपए इनाम भी प्राप्त कर चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि इस ठगी के मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।