रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अमित शाह ने 31 मार्च की डेडलाइन को लेकर विस्तृत चर्चा की। देश में वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
समीक्षा बैठक में बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक केे बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार व अधिकारियों के साथ नक्सलविरोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं और इस 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।
बता दें केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सहित नक्सल प्रभावित सभी राज्यों के लिए 31 मार्च 2026 की डेड लाइन तय की है। हाल ही हुए एनकाउंटर में बड़े नक्सली लीडरों के साथ कई नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया जा चुका है। इसके अलावा नक्सल कैडर के बड़े लीडर्स सहित सैकड़ों नक्सली सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। पीएम मोदी व केन्द्रीय गृहमंत्री तय की गई 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। ऐसे समय में अमित शाह का दौरा अहम है।




