ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: अहिवारा विधानसभा: भाजपाई वोटों पर ‘गुरू’ की सेंधमारी…. नए परिसीमन पश्चात हुए 3 चुनाव में पहली बार जीती कांग्रेस
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Durg-BhilaiFeatured

अहिवारा विधानसभा: भाजपाई वोटों पर ‘गुरू’ की सेंधमारी…. नए परिसीमन पश्चात हुए 3 चुनाव में पहली बार जीती कांग्रेस

By @dmin
Published: September 30, 2021
Share
SHARE

भिलाई। लगातार दो चुनाव में भाजपा को जितवाने वाले अजा आरक्षित अहिवारा के मतदाताओं ने 2018 में कांग्रेस प्रत्याशी व सतनामी समाज के गुरू रूद्रकुमार की ताजपोशी की तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह विकास रही। 10 वर्षों तक विकास की बाट जोहते रहे मतदाताओं की बड़ी आस अब रूद्र गुरू हैं। उनकी अगुवाई में अहिवारा क्षेत्र को विकास की अनेक सौगातें भी मिली है। …और यह क्रम अब भी चल रहा है। 2008 में नए परिसीमन के बाद जन्मी इस विधानसभा में अब तक कुल 3 चुनाव हुए हैं, जिनमें से 2008 व 2013 के चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि 2018 के पिछले चुनाव में कांग्रेस के दांव से भाजपा चित्त हो गई। तीन विधानसभा चुनाव देख चुके इस क्षेत्र को भाजपा से काफी शिकायतें रहीं, जिसका नतीजा चुनाव में साफतौर पर दिखा। जिले के इस सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे रूद्र कुमार गुरू वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में पीएचई मंत्री हैं।

छत्तीसगढ़ की अजा (एससी) आरक्षित 10 सीटों में से 1 अहिवारा भी है। 2008 में पाटन से काटकर और धमधा को मिलाकर इस विधानसभा का गठन किया गया था। 2008 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजमहंत डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को प्रत्याशी बनाया था। उस वक्त कांग्रेस ने डॉ. शोभाराम बंजारे को प्रत्याशी घोषित किया, जो शासकीय सेवा से इस्तीफा दे चुके थे। क्योंकि उनका इस्तीफा स्वीकृत नहीं हुआ था, ऐसे में उनका नामांकन निरस्त होने जैसा अहम् घटनाक्रम हुआ, जिसके चलते कांग्रेस के बागी ओनी महिलांग को पार्टी ने अंतिम समय में प्रत्याशी घोषित कर अपनी लाज बचाई थी। हालांकि इसका आम जनमानस में विपरीत असर हुआ। नतीजतन ओनी महिलांग को 12,651 मतों से पराजय मिली। 2013 में भी नतीजे कमोबेश ऐसे ही रहे। हालांकि तब भाजपा ने एक अन्य राजमहंत सांवलाराम डाहरे को कांग्रेस के अशोक डोंगरे के सामने प्रत्याशी बनाया। डोंगरे को प्रारम्भ से ही कमजोर प्रत्याशी बताया गया। यहां तक कि कांग्रेस के कई लोगों ने उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध भी किया था। इस चुनाव में भी कांग्रेस को 21,776 मतों से शिकस्त मिली। भाजपाई राजमहंतों के सामने लगातार दो बार चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने तब नया दांव खेला। 2018 के चुनाव में पार्टी ने सतनामी समाज के गुरू रूद्र कुमार को प्रत्याशी घोषित किया।

गौरतलब है कि रूद्र गुरू 2008 में आरंग सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें पार्टी ने आरंग से ही दूसरी बार 2013 में भी मौका दिया, किन्तु वे चुनाव जीत नहीं पाए। इसके बाद उन्हें 2018 में अहिवारा सीट से प्रत्याशी बनाया गया। हालांकि उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर विवाद भी हुआ। कांग्रेस के ही कतिपय लोगों ने इस बात की शिकायत दर्ज कराई कि रूद्र गुरू का नाम मतदाता सूची में दो जगहों पर दर्ज है। बहरहाल, कांग्रेस का राजमहंत के सामने गुरू को उतारने का दांव सफल रहा और रूद्र गुरू ने भाजपा के सांवलाराम डाहरे को 31,687 मतों के बड़े अंतर से हराया। लेकिन भाजपा की हार की वजह केवल इतनी ही नहीं थी। भाजपा प्रत्याशी का अति आत्मविश्वास, क्षेत्र में सक्रिय न रहना, गुटीय संतुलन स्थापित न कर पाना, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नहीं चलने जैसे कई और भी कारण सामने आए। वहीं प्रदेश में भाजपा की सत्ता के बावजूद विकास कार्य नहीं करवाने को लेकर भी जनता में नाराजगी रही।

गुरू के चरणों में रख दी जीत…

2018 में कांग्रेस ने सतनामी समाज के गुरू रूद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया, जबकि भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे राजमहंत हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान एक मजेदार वाकया सामने आया, जिसने चुनाव के नतीजे पलट दिए। हुआ यूं कि प्रचार के दौरान भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हुए तो भाजपा के सांवलाराम डाहरे ने कांग्रेस के रूद्र गुरू के चरण छूकर जीत का आशीर्वाद मांगा। माना जाता है कि विरोधी प्रत्याशी के चरण पकडऩे की वजह से भी भाजपा को काफी नुकसान हुआ। जनता के बीच सीधा संदेश गया कि रूद्र गुरू, भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा प्रभावशाली हैं। तब कहा गया था कि भाजपा प्रत्याशी ने अपनी जीत को कांग्रेस प्रत्याशी के चरणों में अर्पित कर दिया।

10 में से 7 सीटों पर मिली जीत
छत्तीसगढ़ में अजा आरक्षित कुल 10 सीटों में से 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 7 सीटों पर अभूतपूर्व जीत हासिल हुई। जबकि भाजपा को मस्तुरी और मुंगेली सीटें मिली। वहीं बसपा ने एक सीट पामगढ़ से जीत दर्ज की। राज्य में अजा वर्ग की जनसंख्या करीब 12 फीसद है और इनमें से सतनामी समाज मैदानी क्षेत्रों में राजनीति को प्रभावित करता है। 2013 के चुनाव में भाजपा को अजा आरक्षित सीटों में से 9 पर जीत मिली थी। अहिवारा, दुर्ग जिले की सबसे बड़ी विधानसभा सीट है। परिसीमन के पश्चात यह उम्मीद की जा रही थी कि अब इस क्षेत्र में विकास के द्वार खुलेंगे। 2 चुनाव में भाजपा को जिताने के बाद भी जब ऐसा नहीं हो पाया तो मतदाताओं ने नतीजों को प्रभावित किया और कांग्रेस को जीत दिलाई। मतदाताओं का यह दांव पूरी तरह सफल रहा। रूद्र गुरू की अगुवाई में अहिवारा क्षेत्र अब विकास के नए आयाम गढ़ रहा है।

साहू-कुर्मी भी बहुतायत में
ऐसा नहीं है कि अहिवारा क्षेत्र में सिर्फ सतनामी समाज का ही दबदबा है। दरअसल, इस विधानसभा क्षेत्र में साहू और कुर्मी समाज की बराबर हिस्सेदारी है। यह क्षेत्र आधा ग्रामीण और आधा शहरी है। हालांकि यह भी सच्चाई है कि चुनाव के नतीजे बहुधा शहरी क्षेत्र के मतदाता ही तय करते हैं। गौरतलब है कि अहिवारा में चुनाव का गणित तय करने में साहू व कुर्मी समाज का पक्ष बेहद मायने रखता है। एक ओर जहां साहू समाज को भाजपा का समर्थक माना जाता है, वहीं कुर्मियों को कांग्रेस का वोट-बैंक माना जाता है। 2018 में न केवल सतनामी समाज अपितु कुर्मी वोटरों की एकजुटता ने कांग्रेस के जीत की इबारत लिखी। कहीं-कहीं साहू वोट-बैंक में भी दरार पड़ी।

सीएम साय ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम
कवर्धा में बड़ा हादसा : बैलेंस बिगडऩे से 60 फीट की गहराई में गिरा बोरवेल ट्रक, 3 की मौत
Bhilai Big News : नाबालिग से रेप के बाद बनाया फोटो-वीडियो, ब्लैकमेल कर बार बार करता रहा दुष्कर्म… आरोपी गिरफ्तार
Gustakhi Maaf: अब बस अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग
शिक्षक दिवस पर जिला स्तरीय शिक्षा गौरव अलंकरण एवं शिक्षक सम्मान समारोह. 318 शिक्षकों का हुआ सम्मान
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article MP Saw said in the Icop of the Regional Public Relations Office क्षेत्रीय लोकसंपर्क कार्यालय के आईकॉप में बोले सांसद साव…. सभी को सही पोषण मिलने से ही पूरा होगा सक्षम भारत का सपना
Next Article पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में अनुचित लाभ लेने का प्रयास कर रही भाजपा: श्रीमती तुलसी साहू जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई की बैठक: अध्यक्ष तुलसी साहू की मौजूदगी में बूथ कमेटी व बूथ प्रभारी गठन पर हुई चर्चा

Ro.No.-13784/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?