भिलाई। अग्रसेन महिला समिति द्वारा न्यू खुर्सीपार, भिलाई में गणगौर पर्व का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मारवाड़ी समाज की महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। गणगौर पर्व एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो मारवाड़ी समाज में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जो अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए पूजा करती हैं।
आयोजन में महिलाओं ने गणगौर माता की पूजा की और उनकी आराधना की। इसके अलावा, महिलाओं ने गणगौर पर्व के अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें गीत, नृत्य और नाटक शामिल थे। अग्रसेन महिला समिति का उद्देश्य महिलाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रसारित कर सकती हैं। समिति का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में उनकी उचित भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
अग्रसेन महिला समिति की अध्यक्ष संगीता नेमीचंद अग्रवाल कहा कि आयोजन किया इसमें हमारा अग्रवाल बहने सभी उपस्थित रही। सचिव प्रेमा गर्ग, प्रेमलता रामनाथ, शारदा सिन्हा, उषा अग्रवाल, शारदा, बीना, प्रेमलता गर्ग, हंस मनीषा, अंजू कविता, प्रतिमा, कुसुम, दीप्ति, आशा लक्ष्मी, संगीता आदि सभी बहनों ने बहुत मेहनत कर इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
अग्रवाल महिला समिति खुर्सीपार ने गणगौर पूजा के पावन अवसर पर निर्धन कन्या कन्यादान योजना की राशि 5100 रुपए कन्या की मां को भेंट में दी। संगीता अग्रवाल, प्रेमा गर्ग, शारदा सिंघानिया, प्रेमलता रामनाथ, उषा, आशा, बीना, सरला, माया, कविता हंसा, अंजू मनीषा, दीप्ति प्रतिमा, कुसुम लक्ष्मी, अनीता संगीता आदि के सहयोग से यह राशि दी गई। अग्रवाल महिला समिति समय समय पर यह कार्य करते रहती हैं जरूरतमंदों का हमेशा सहयोग करती है।
कार्यक्रम में बड़ी गणगौर और छोटी गणगौर में प्राइस दिया गया। बड़ी गणगौर रिशु अग्रवाल सेकंड सरला अग्रवाल छोटी गणगौर में चांदनी अग्रवाल प्रथम मुस्कान अग्रवाल सेकंड रही। इसी प्रतियोगिता में लड़कियां सभी सामूहिक नित्य भी किया नित्य में प्रथम अंशु अग्रवाल और ग्रुप द्वितीय रिया शर्मा और ग्रुप तृतीय चांदनी और ग्रुप को प्राइस दिया गया। जज दुर्ग से आई अंजू खेतान, सुनीता खेतान और सेक्टर 6 की हमारी अध्यक्ष गायत्री अग्रवाल की उपस्थिति रही और उनकी सभी साथी बहने भी उपस्थित रही। हमें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि महिलाएं इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल हुईं। हमें उम्मीद है कि यह आयोजन महिलाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रसारित करने में मदद करेगा।




