जिला प्रशासन की इस मुहिम से संवरेंगे सैकड़ों होनहारों के सपने, बेसिक फाउंडेशन मजबूत करने पर जोर
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में जिला प्रशासन ने प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को पूरा करने एक अनूठी पहल की है। जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (BCS कॉलेज) में “पहल” कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क (Free) कोचिंग दी जाएगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन के लिए ‘युवा’ नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा पाते। इस निःशुल्क कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत होगा, जिससे वे हर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहरा सकेंगे। कलेक्टर ने बदलते कॉम्पिटिशन के इस दौर में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सबसे जरूरी चाबी बताया और छात्र-छात्राओं से पूरी लगन के साथ मेहनत करने की अपील की। जिला प्रशासन की इस अनूठी ‘पहल’ से धमतरी के सैकड़ों युवाओं को न सिर्फ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि सरकारी सेवा में जाकर देश-प्रदेश की सेवा करने के उनके सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान मिल सकेगी।
क्या है ‘युवा’ प्रोजेक्ट और इसकी खासियतें?
प्रशासन की यह मुहिम केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों की पूरी तैयारी को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए एक मुकम्मल खाका तैयार किया गया है।कोचिंग में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतरीन बुक्स और स्टडी मटेरियल मुफ्त दिया जाएगा। तैयारी के स्तर को जांचने और उसमें सुधार करने के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा की जाएगी, ताकि उनकी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें समय पर सुधारा जा सके। इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षित करने वाले जिले के युवा मार्गदर्शक सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।




