प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय रायपुर का अमृत महोत्सव विषयक चित्र प्रदर्शनी का तीसरा दिन
सीआरपीएफ के डीआईजी एलएन मिश्रा ने प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को बांटे पुरस्कार
11 प्रतियोगिताओं के 57 विजेता प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार व प्रमाणपत्र
बिलासपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय रायपुर द्वारा महामाया मंदिर रतनपुर के नवीन धर्मशाला परिसर में आजादी का अमृत महोत्सव विषयक चित्र प्रदर्शनी के तीसरे दिन विविध प्रकार की जागरूकता प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। सबसे पहले 13 मार्च 1940 को जालियावाला बाग नरसंहार के जिम्मेदार जनरल डायर से बदला लेने वाले अमर सेनानी उधम सिंह जी को याद किया गया। इसके बाद देशभक्ति गीत व मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीत गायन से प्रतिभागियों ने लोगों को भावविभोर कर दिया। मेहंदी प्रतियोगिता में पूनम जोशी ने अमृत महोत्सव की प्रतिकृति बना बाजी मारी।


तीन दिनों में कुल 11 प्रकार की जागरूकता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 57 प्रतिभागियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ के डीआईजी एलएन मिश्रा, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एसईसीआर के सीपीआरओ साकेत रंजन, आरपीएफ के डीसीएस कुमार निशांत, राजभाषा अधिकारी विक्रम सिंह व प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय के प्रमुख शैलेष फाये द्वारा पुरस्कार व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ बिलासपुर के डीआईजी एलएन मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शनी में भारत के आजादी आंदोलन के इतिहास को रेखांकित किया गया है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आज देश की आजादी को अक्षुण्ण रखने की जिम्मेदारी सिर्फ वर्दी वालों की नहीं है। मैं यहां वर्दी में यह बताने आया हूं कि बिना नागरिक सहयोग के वर्दी की कोई अहमियत नहीं है। वर्दीधारी आम नागरिक के सहयोग की बदौलत ही बर्फ से लेकर रेगिस्तान तक देश की सुरक्षा में जुटे हैं। इस लिहाज से देश की सुरक्षा, आजादी की संरक्षा हम सभी की सम्मिलित जिम्मेदारी है। इस महोत्सव से प्रेरणा लेकर हम सभी लोग देश की अक्षुण्णता का संकल्प लें।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व एसईसीआर के सीपीआरओ साकेत रंजन ने वीर रस की कविता व वक्तव्य से आजादी का अमृत महोत्सव की महत्ता के बारे में बताया। आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त कुमार निशांत ने स्वरचित देशभक्ति कविता से आजादी का अमृत महोत्सव के बारे में समझाया। राजभाषा अधिकारी विक्रम सिंह ने छत्तीसगढ़ी संदेश के माध्यम से अमृत महोत्सव पर प्रकाश डाला।

इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शैलेष फाये ने सभी को चित्र प्रदर्शनी की विशेषताओं के बारे में बताया व सभी अतिथियों का स्वागत किया। सहयोग के लिए मंदिर प्रबंधन, भारतीय डाक, रेल, सीआरपीएफ, जिला प्रशासन समेट सभी का आभार क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी डॉ. प्रेम कुमार ने माना. कार्यक्रम के संयोजन के में मंत्रालय के खेलन दीवान, केवी गिरी, शशांक सचान, अंबिका लाल व जवाहर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
देशभक्ति कविता पाठ का आयोजन
आजादी का अमृत महोत्सव चित्र प्रदर्शनी के तहत कविता पाठ का आयोजन किया गया। इसमें दिनेश पांडेय, शुकदेव कश्यप, डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा, काशीराम साहू, रश्मि गुप्ता, ब्रजेश कश्यप, आस्था कश्यप, रमेश्वर गुप्ता व रविंद्र सोनी का योगदान रहा।




