दुर्ग। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्ष के युवक की लापरवाही के चलते मौत हो गई। दल्लीराजहरा से दुर्ग आ रहे युवक ने चलती ट्रेन से गेट में लट कर थूक रहा था। इसी दौरान वह सिग्नल पोल से टकरा गया और ट्रेन के नीचे आ गया। इससे उसके शरीर के टुकड़े टुकड़े हो गए।
दुर्ग जीआरपी के हेड कांस्टेबल राजेश मिंज ने बताया कि दल्लीराजहरा निवासी पुष्पक मौर्य पिता विष्णु मौर्य (22) रविवार को दुर्ग सहायक श्रम परीक्षक का एग्जाम देने आ रहा था। वह अपने दोस्तों के साथ दल्लीराजहरा दुर्ग मेमू से गया था। पुष्पक गेट पर ही खड़ा था। जैसे ही ट्रेन भिलाई की तरफ किलोमीटर नंबर 765/1 के पास पहुंची वह गेट से नीचे थूकने लगा। अचानक सामने आया सिग्नल पोल पुष्पक के सिर से टकरा गया।
टक्कर लगने से पुष्पक ट्रेन से नीचे गिरकर पटरी में जा पहुंचा और उसका शरीर कई टुकड़ों में कट गया। जब ट्रेन रुकी तो उसके दोस्तों ने इसकी सूचना उसके घर वालों को दी। घर वाले सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने पंचनामा कार्यवाही करके शव का पोस्टमार्टम कराया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुष्पक के पिता विष्णु मौर्य मेहनत मजदूरी करते हैं। पुष्पक के दोस्त प्रशांत माने ने बताया विष्णु तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई गुलशन मौर्य टेलीकॉम पुलिस विभाग में है और भिलाई में उसकी ट्रेनिंग चल रही है। उसके बाद अनुराग मौर्य जो कि बीएसएफ सुकमा में है। अनुराग भी अपने भाइयों की तरह सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहा था। भिलाई में ट्रेनिंग कर रहे बड़े भाई गुलशन को जैसे ही दुर्घटना के बारे में पता चला वह तुरंत मौके पर पहुंचा।
प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी
पुष्पक ग्रेजुएशन करने के बाद एमए प्रथम वर्ष में पढ़ रहा था और साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इतना पढऩे के बाद भी वह एक छोटा सा सबक भूल गया। रेलवे विभाग द्वारा हर समय यात्रियों को अलग-अलग चीजों के लिए सावधान किया जाता है। चलती ट्रेन में हाथ या सिर न निकालने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी पुष्पक यह सबक भूल गया और उसकी एक छोटी सी गलती ने उसे मौत के मुंह में भेज दिया।




