ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: किसान आंदोलन स्थगित: पंजाब के संगठन 11 दिसंबर को करेंगे वापसी, 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेगा एसकेएम
Share
Notification Show More
Latest News
खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
October 1, 2026
रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
October 1, 2026
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न
October 1, 2026
वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
October 1, 2026
नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी
खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश
October 1, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

किसान आंदोलन स्थगित: पंजाब के संगठन 11 दिसंबर को करेंगे वापसी, 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेगा एसकेएम

By @dmin Published December 9, 2021
Share
किसान आंदोलन स्थगित: पंजाब के संगठन 11 दिसंबर को करेंगे वापसी, 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेगा एसकेएम
किसान आंदोलन स्थगित: पंजाब के संगठन 11 दिसंबर को करेंगे वापसी, 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेगा एसकेएम
SHARE

सोनीपत (एजेंसी)। सोनीपत में पिछले एक साल से चल रहा किसान आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। गुरुवार को आधिकारिक पत्र मिलने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसके बाद गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 11 दिसंबर को किसानों की वापसी हो जाएगी। 11 को ही विजय दिवस मनाया जाएगा। 13 दिसंबर को किसान श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। 15 जनवरी को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की समीक्षा बैठक होगी। चढ़ूनी ने एलान किया कि अब किसी भी पार्टी या उद्योग का बहिष्कार नहीं किया जाएगा। किसान आंदोलन में बंद पड़े टोल भी खोल दिए जाएंगे।

वहीं इससे पहले पंजाब की 32 जत्थेबंदियों ने बैठक कर कहा है कि 11 तारीख को उनकी आंदोलन से वापसी हो जाएगी। 15 तक सभी टोल से धरना हटा लिया जाएगा। लगातार खींचतान, मैराथान बैठकों की दौर के बाद आखिर किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। लंबित मांगों को माने जाने के प्रस्ताव को सुधार के साथ सरकार ने बुधवार को मोर्चा की कमेटी के पास भेजा था। कमेटी ने प्रस्ताव के सभी बिंदुओं पर मोर्चा की कुंडली बॉर्डर पर चली बैठक में रखा, जिस पर सभी किसान नेताओं ने हामी भर दी। एसकेएम की 5 सदस्यीय कमेटी के सदस्यों गुरनाम सिंह चढूनी, शिवकुमार कक्का, युद्धवीर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल व अशोक धवले ने पत्रकारवार्ता कर इसकी जानकारी दी थी। 

मोर्चा की अहम बैठक के बीच किसानों ने सामान समेटना किया शुरू
किसानों व सरकार के बीच सहमति बनने के बाद कुंडली बॉर्डर पर आज संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक चल रही है, जिसमें आंदोलन वापसी का निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, बॉर्डर पर सालभर से धरनारत किसानों ने अपना सामान, तंबू व झोंपडिय़ां समेटने शुरू कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि वे मोर्चा के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। आदेश मिलते ही यहां से खुशी-खुशी अपने घरों को रवाना होंगे। इससे पहले कुंडली बॉर्डर पर सबसे पहले मोर्चा द्वारा गठित 5 सदस्यीय कमेटी की बैठक हुई। फिर मोर्चा की 9 सदस्यीय कमेटी ने बैठक की और अब संयुक्त किसान मोर्चा के सभी सदस्यों की बैठक शुरू हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि आज मोर्चा आंदोलन वापसी या स्थगित किए जाने का निर्णय ले सकता है। 

वापसी की प्रक्रिया में लगेगा समय
किसान मोर्चों से किसानों की वापसी की प्रक्रिया दो-तीन दिन चलने की उम्मीद है। सामान पूरी तरह से समेटने में 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है। कई जगह पर पक्के निर्माण भी किसानों ने बना लिए थे, जिन्हें खुद ही गिरा कर जाने का वायदा किसानों ने किया था।

सरकार व किसानों के बीच सकारात्मक दिख रहा माहौल
आखिरकार सरकार के साथ सभी मांगों पर किसानों की सहमति बन ही गई। 5 सदस्यीय कमेटी के गठन के बाद इसका रास्ता बन गया था। सरकार ने लगातार कमेटी से संपर्क बनाए रखा और सभी मांगों के हर बिंदु पर मंथन हुआ। सरकार ने सकारात्मक रवैया दिखाया तो किसानों के तेवर भी नरम पड़ गए। एमएसपी पर कमेटी को लेकर मोर्चा की शर्त को मान लिया गया तो वहीं हरियाणा, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापस लेने पर सहमति जता दी है। वहीं, सरकार की मांग पर किसानों ने लखीमपुर मामले में केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी से संबंधित मांग को प्रस्ताव से हटा लिया था।
 
सरकार का आधिकारिक पत्र, जिसपर बनी सहमति  

  • एमएसपी पर प्रधानमंत्री ने स्वयं और बाद में कृषि मंत्री ने एक कमेटी बनाने की घोषणा की है। जिस कमेटी में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे। यह स्पष्ट किया जाता है कि किसान प्रतिनिधियों में एसकेएम के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे और इसमें जरूरी होगा कि सभी किसानों को एमएसपी मिलना किस तरह सुनिश्चित किया जाए। सरकार वार्ता के दौरान पहले भी आश्वासन दे चुकी है कि वर्तमान में जिस राज्य में जिस फसल की एमएसपी पर जितनी सरकारी खरीद हो रही है, उसे घटाया नहीं जाएगा।
  • किसान आंदोलन के समय के केसों पर यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार ने तत्काल केस वापस लेने के लिये पूर्णतया सहमति दी है।
  • किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार के संबंधित विभाग और एजेंसियों तथा दिल्ली सहित सभी संघ शासित क्षेत्र में आंदोलनकारियों और समर्थकों पर बनाए गए सभी केस भी तत्काल प्रभाव से वापस लेने की सहमति है। भारत सरकार अन्य राज्यों से अपील करेगी कि इस किसान आंदोलन से संबंधित केसों को अन्य राज्य भी वापस लेने की कार्रवाई करें।
  • मुआवजे पर हरियाणा और यूपी सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
  • उपरोक्त दोनों विषयों के संबंध में पंजाब सरकार ने भी सार्वजनिक घोषणा की है।
  • बिजली बिल में किसान पर असर डालने वाले प्रावधानों पर पहले सभी स्टेकहोल्डर्स/संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा होगी। उससे पहले इसे संसद में पेश नहीं किया जाएगा।
  • पराली के मुद्दे पर भारत सरकार ने जो कानून पारित किया है उसकी धारा में क्रिमिनल लाइबिलिटी से किसानों को मुक्ति दी है।

बोले किसान : किसानों की पांच सदस्यीय कमेटी ने संशोधित प्रस्ताव पर कहा कि इसे लेकर सहमति बन गई है। हालांकि इसके लिए गुरुवार को अधिकृत पत्र देने की मांग की है। समिति सदस्य अशोक धवले ने कहा कि नया प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि हम चेतावनी देते हैं कि यह अब तक केवल प्रस्ताव है। यह गुरुवार तक सरकारी पत्र के रूप में मिलना चाहिए। 

You Might Also Like

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश

@dmin December 9, 2021
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article श्रीकंचनपथ 304 # 17 august 2021 श्रीकंचनपथ 55 # 09 december 2021
Next Article CG Politics: कांकेर लोकसभा : अपराजेय भाजपा बनी कांग्रेस का सिरदर्द, एससी आरक्षित सीट में 1998 के बाद से कांग्रेस को जीत की तलाश महापौर की चाह में बने हेलीकाप्टर प्रत्याशी, पार्षद चुनाव जीतना हुआ दुष्कर
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?