तिरुपति (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा रखी है। भारी बारिश के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बारिश के कारण सर्वाधिक बुरे हालात दक्षिण आंध्र के हैं। यहां के तिरुपति, चित्तुर, रायलसीमा, अनंतपुर आदि जिलों में भारी तबाही मची है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी से फोन पर बात की और स्थिति के बारे में जानकारी ली और राज्य को हरसंभव मदद का वादा किया।

आंध्र प्रदेश के रायलसीमा सहित तीन तटीय जिले में 20 सेंटीमीटर तक की बारिश ने कहर बरपाया। जिसमें शुक्रवार को कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। कडप्पा जिले में अब भी 12 लोगों के लापता होने की खबर है। चित्तूर जिले में भीषण बाढ़ में एक पूरी इमारत बह गई थी। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के कदरी इलाके में कमजोर पड़े चार मकान एक साथ ढह गए। इसमें कई लोगों के दबे होने की खबर है। सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। जबकि भारतीय वायु सेना, एसडीआरएफ और दमकल सेवा के कर्मियों ने बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया।

बारिश के कारण तिरुपति के टैंपल टाउन में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। तिरुपति के बाहरी इलाके में स्थित स्वर्णमुखी नदी में बाढ़ आ गई है और जलाशयों में पानी भर गया है। कई लोगों के बाढ़ में फंसे होने की खबर है। घाट रोड और तिरुमाला हिल्स के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जिसके कारण दर्शन करने गए सैकड़ों श्रद्धालु भी फंसे हुए हैं।
स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत टीमों को तैनात किया गया है और बचाव कार्य जोरों पर है। बाढ़ ने कई जगहों पर सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। रायलसीमा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। राज्य के चित्तूर, कडपा, कुरनूल और अनंतपुर जिले प्रभावित हुए हैं। उफनती नदियों और नालों ने जिलों में भारी बाढ़ ला दी, कुछ स्थानों पर सड़कें काट दीं और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगहों पर सड़कें नहरों में तब्दील हो गईं और वाहन बह गए।




