लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के नौ जिलों को जोडऩे वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस का सुल्तानपुर के कूरेभार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही अपेक्षाकृत पिछड़े इलाके पूर्वांचल को विकास के पंख लग जाएंगे। एक्सप्रेस-वे के नजदीकी क्षेत्रों में उद्योगों के विकास के साथ शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थान, वाणिज्यिक केंद्र खुलने से विकास के साथ रोजगार की नई राह भी खुलेगी।
यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के सीईओ अवनीश अवस्थी ने सोमवार को बताया कि उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री की जनसभा के साथ वायुसेना का बड़ा एयर-शो होगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर बैटरी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए निशुल्क जमीन दी जाएगी। हर पुलिस चौकी के पास हेलीपैड बनाए जाएंगे। फिलहाल इस पर टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
आगे भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को अलग लिंक रोड से आजमगढ़-वाराणसी से जोड़ा जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर जिले को आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। बक्सर-गाजीपुर एलिवेटेड रोड पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे व नेशनल हाइवे से बिहार के आरा और पटना से सीधे जुड़ेगा।
एक नजर में देखें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे
- लंबाई : 340.824 किमी
- सड़क : 120 मीटर चौड़ी
- गति : 100 किमी/घंटा, 120 किमी/घंटा की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है।
- हवाई पट्टी : सुल्तानपुर में 3.20 किमी लंबा व 34 मीटर चौड़ा एयर स्ट्रिप लड़ाकू विमानों के लिए।
- 8 स्थानों पर फ्यूल पंप और 4 स्थानों पर सीएनजी स्टेशन।
- 8 प्रसाधन ब्लॉक और 8 जनसुविधा परिसर।
- हर 500 मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान।
- 4.5 लाख पौधों का रोपण।
- लागत का 90.71 प्रतिशत खर्च
- परियोजना की कुल लागत (भूमि समेत) : 22497 करोड़
- अब तक खर्च : 20408 करोड़




