दुर्ग। 61 दिवसीय उपवास का पच्क्खन लेकर 51 उपवास पूर्ण कर चुकी नंदा देवी पारख दुर्ग जैन समाज के जीव दया ग्रुप के सदस्यों ने निवास पहुँच कर अनुमोदना करते हुए बहुमान किया है ,उनकी बेटी पायल पारख ने भी 27 उपवास साथ ही पारख परिवार की बहु निधि पारख, प्रज्ञा पारख, और प्रगति दुग्गड की अठाई तप चल रही है समाज और धर्म के प्रति पूरे परिवार में समर्पण का भाव दिखता है अमित बाफ़ना ने बताया की नंदा देवी पारख ने इससे पहले भी 2008 में 41 से प्रारंभ कर प्रत्येक चतुर्मास में लम्बे उपवास करते हुए 2019 में 81 दिन का उपवास किया था घर में पुत्र प्रवेश पारख और प्रतीक पारख भी दैनिक दिनचर्या के साथ -साथ संत सतियो के दर्शन आदि धर्म लाभ में रुचि रखते है ।
जैन तप की साधना और शरीर को फायदा:-
तप की साधना का वैज्ञानिक व् धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्व है । तप का अर्थ है स्वयं का अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण कर कर्म की निर्जरा करना सिर्फ जैन ही नही सभी धर्मों में तप का उल्लेख मिलता है फर्क है सिर्फ तप करने तरीका अलगअ्लग मगर उदेश्य सिर्फ एक ही है । विज्ञानं में भी तप को महत्व दिया गया है । शरीर को निरोगी बनाये रखने के लिए भी तप बहुत जरुरी है । तप किसी भी रूप में हो सकता है उपवास , एकासन , खाद्य संयम , रात्रि भोजन न् करना
जीव दया ग्रुप के सदस्यों द्वारा स्तवन गाया गया अशोक लोढ़ा , संजय लोढ़ा , मयंक लुनिया, शैलेश बुरड, राहुल। कोचर , महेश पारख , हर्ष ग़ोल्छा, गौरव पण्ड्या, प्रियंक बुरड , लाभ छाजेड , अभय बोहरा मौजूद रहे




