नईदिल्ली (एजेंसी)। स्वास्थ्य राज्य मंत्री पवार ने कहा कहा कि अगस्त से दिसंबर के बीच हमारे पास कोविड-19 रोधी टीकों की 135 करोड़ खुराकें उपलब्ध होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हालांकि हम इस बात का अभी सटीक अनुमान नहीं लगा सकते कि टीकाकरण अभियान कब तक पूरा होगा। फिर भी हमें उम्मीद है कि देश में दिसंबर तक 18 वर्ष और इससे अधिक आयु वाले सभी लोगों को कोरोना रोधी टीका लग जाएगा।
इसके अलावा टीकाकरण कार्यक्रम पर खर्च की गई धनराशि को लेकर भारती प्रवीण पवार ने बताया कि अभी तक इस अभियान में 9725.15 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें टीकों की खरीद और उनके ऑपरेशनल कॉस्ट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की बदलती प्रवृत्ति को देखते हुए टीकाकरण अभियान कब तक पूरा होगा इसका सटीक अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है।
इसके अलावा इस सवाल पर कि क्या बेलैक फंगस बीमारी के इलाज के लिए जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं, पवार ने कहा कि इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दोनों दवाएं (एम्फोटेरिसिन बी डिऑक्सीकोलेट और पोसाकोनाजोल) भारतीय बाजारों में आसानी से उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को मई में सलाह दी थी कि ब्लैक फंगल को अधिसूचिक महामारी घोषित करें।
पवार ने बताया कि कोरोना के कुल मामलों में से करीब 11 फीसदी में मरीज की आयु 20 वर्ष से कम थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नियामक सीडीएससीओ ने बच्चों के लिए (दो से 18 वर्ष आयु वर्ग) टीके पर भारत बायोटेक को होल-विरियन इनएक्टिवेटेड सार्स कोव-2 टीके के दूसरे और तीसरे चरण के तथा कैडिला हेल्थकेयर को डीएनए आधारित टीके के तीसरे चरण के ट्रायल की (12 वर्ष और उससे अधिक आयु) मंजूरी दे दी है।




