भिलाई। कोरोना संक्रमण के कारण शहर में लगे लॉक डाउन की वजह से दुकानें कई दिनों से बंद थी। इसकी वजह से किराना दुकानों में चूहों की संख्या भी बढ़ी। ऐसे में किराना दुकानों में चूहों को खाने वाले सांपों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा ही सुपेला के एक किराना दुकान संचालक के साथ हुआ। किराना दुकान के अंदर चूहों की संख्या इनती बढ़ गई जिसकी वजह से सांप कई दिनों से दुकान के अंदर अपना आशियाना बनाए बैठा था। सामान देते समय से जब दिखा तो दुकानदार के होश उड़ गए। आनन फानन में उसने नोवा नेचर के सदस्य अजय कुमार से संपर्क किया। मौके पर पहुंचे नोवा नेचर के सदस्य अजय कुमार ने रेट स्नेक का रेस्क्यू किया।
मिली जानकारी के मुताबिक सुपेला निवासी जयप्रकाश साव जब अपने किराना दुकान में राशन दे रहे थे तो उन्हें अंदेशा नहीं हुआ की दुकान के अंदर सांप भी है, जिससे उनको खतरा हो सकता था। सांप के दिखने पर दुकानदार दहशत में आ गया। दुकान में चारों ओर किराना का सामान भरा है सांप कभी इस कोने से निकलता तो कभी उस कोने से कभी दुकानदार के पैर नजदीक से ज्यादा भागते हुए दिखाई देता। लेकिन सांप की पहचान नहीं हो पा रही थी की विषैला है कि विषहिन। सर्पदंश की घटना से बचने के लिए दुकानदार क्या करें कुछ सूझ नहीं रहा था। सांप को पकड़वाने के लिए दुकानदार ने नोवा नेचर के अजय कुमार से संपर्क किया। मौके पर पहुंचे अजय कुमार राशन दुकान में कहीं सांप नहीं दिख रहा था। सांप किस बिल में घुसा है यह अनुमान कैसे लगाएं यह बड़ी चुनौती थी। दुकानदार ने राशन के सामान को एक एक कर दुकान के बाहर निकालना चालू किया लेकिन 2 घंटे के बाद भी सांप कहीं नजर नहीं आ रहा था। काफी मशक्कत के बाद दीवार में बने बिल में देखने पर सांप का सिर दिखाई दिया। सब्बल की सहायता से बिल को खोद कर अजय कुमार ने सांप का रेस्क्यू किया। अजय कुमार ने सांप की पहचान रेट स्नेक के रूप में की। ज्यादातर यह सांप चूहे खाता है चूहे के लालच में दुकान के अंदर अपना आशियाना बना बैठा था। लेकिन इसके सर्पदंश से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं होती क्योंकि इसके विषदंत नहीं होते यह पूरी तरह से विषहिन होता है। लेकिन सांप के नाम पर ही लोगों में दहशत होती है क्योंकि लोग सांप की पहचान नहीं कर पाते कि वह कौन सी प्रजाति का है।
लॉकडाउन में बंद किराना दुकानों में बढ़ी चूहों की संख्या… रेट स्नेक ने किराना दुकान को ही बना लिया अपना आशियाना… नोवा नेचर ने किया रेस्क्यू




