वाराणसी (एजेंसी)। कोरोना काल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रशासन की तरफ से लाख दावे हो रहे हों, लेकिन मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को वाराणसी से सटे जौनपुर के मडियाहू निवासी एक मां अपने जवान बेटे विनीत को ऑटो में लेकर असपतालों के चक्कर काटती रही। पहले वह बीएचयू, फिर ककरमता स्थित निजी अस्पताल गई। दोनों जगहों पर इलाज नहीं मिला। आखिरकार बेटे की मौत भी हो गई। इसके बाद बेबस मां बेटे को लेकर रोती बिलखती घर चली गई। मां के मुताबिक वह बेटे को लेकर सर सुंदरलाल चिकित्सालय पहुंची, जहां लोगों ने बेटे को अस्पताल में लेने से इनकार कर दिया, उसके बाद वह ककरमत्ता स्थित पॉपुलर अस्पताल पहुंची। वहां भी इलाज नहीं मिला और बेटे ने वहीं दम तोड़ दिया। मां ने बताया कि पुत्र को किडनी की समस्या थी। पीडि़त मां ने बताया कि अगर बेटे को समय से इलाज मिल गया होता तो जान बच जाती।




