नईदिल्ली (एजेंसी)। देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान शुक्रवार कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेसवार्ता कर चुनाव की तरीखों का ऐलान किया। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक साथ चुनाव होंगे। अरोड़ा ने कहा कि इन चुनावों के दौरान कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर 18.68 करोड़ लोग अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव की तिथियों की घोषणा करते हुए बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे। वहीं असम में तीन चरण व केरल, तमिलनाडू व पुडुचेरी में एक-एक चरण में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 2 मई को आएंगे। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में छह अप्रैल को सभी सीटों पर चुनाव होंगे। केरल की छह खाली संसदीय सीटों पर चुनाव भी छह अप्रैल को आयोजित कराया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव
पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न होगा। पिछले विधानसभा में सात चरण थे। पहले चरण का मतदान 27 मार्च को पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर होगा। दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल को चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर होगा। तीसरे चरण का चुनाव छह अप्रैल को 31 विधानसभा सीटों पर होगा। चौथे चरण का मतदान 10 अप्रैल को 44 विधानसभा सीटों पर होगा। पांचवें चरण का मतदान 17 अप्रैल को 44 विधानसभा सीटों पर होगा। छठे चरण में 22 अप्रैल को 43 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। सातवें चरण में 26 अप्रैल को 36 विधानसभा सीटों पर और अंतिम व आठवें चरण में 29 अप्रैल को 35 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा।
असम में तीन चरणों में होगा चुनाव
असम में तीन चरणों में चुनाव होगा। पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा। नामांकन की अंतिम तारीख नौ मार्च और नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 10 मार्च रहेगी। दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल को 39 सीटों पर होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 12 मार्च और नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 17 मार्च रखी गई है। तीसरे चरण में छह अप्रैल को 40 सीटों पर मतदान होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 19 मार्च और नामांकन वापसी 22 मार्च तक होगी।
पर्याप्त सुरक्षा बलों की होगी व्यवस्था
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान पर्याप्त सीएपीएफ बल तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। सुनील अरोड़ा ने कहा कि उम्मीदवार को प्रचार के लिए डोर टू डोर कैंपेन की इजाजत होगी। लेकिन, इसमें उम्मीदवार को मिलाकर पांच से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव की तरह ही इन चुनावों में भी मतदान का समय एक घंटा अधिक रहेगा। उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन नामांकन की सुविधा होगी।
बिहार चुनाव हमारे लिए ट्रायल की तरह
प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना वायरस चुनौती के बीच चुनावों के लिए हमने मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव को सफलतापूर्वक सुनिश्चित कराने में इनका अहम योगदान रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 18 सीटों पर चुनाव के लिए ट्रायल शुरू किए थे। इसके बाद बिहार चुनाव की चुनौती आई, यह ईसीआई के लिए यह एक शानदार क्षण था। यह एक लिटमस टेस्ट की तरह सिद्ध हुआ।
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