नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2021 शनिवार को पारित कर दिया। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार मौजूदा जम्मू-कश्मीर कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारी अब अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडर का हिस्सा होंगे। इसके बाद अधिकरण सुधार (सुव्यवस्थीकरण और सेवा शर्तें) विधेयक 2021 पेश किया गया। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने निचले सदन में उक्त विधेयक पेश किया। इसके बाद लोकसभा को आठ मार्च की शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने विधेयक के पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पास हुआ इससे राज्य के अधिकारियों को दूसरी जगह जाकर सेवा करने का मौका मिलेगा और दूसरी जगह से अधिकारियों को आकर राज्य में सेवा करने का मौका मिलेगा। इससे अनुभव और कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी।
इससे पूर्व गृह मंत्री अमित शाह ने इस विधेयक को लेकर हुई चर्चा का विस्तार से जवाब दिया। केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए भविष्य के सभी अधिकारियों के आवंटन अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडर से होंगे। विधेयक के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडर के अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार कार्य करेंगे।
इस विधेयक को सरकार ने शनिवार को ही चर्चा व पारित करने के लिए लोकसभा में पेश किया था। इसमें मौजूदा जम्मू-कश्मीर कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडर का हिस्सा बनाने का प्रावधान है। यह विधेयक जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) अध्यादेश का स्थान लेगा, जो पिछले महीने जारी किया गया था।
यह विधेयक राज्यसभा में पारित हो चुका है। विधेयक को लोकसभा में चर्चा और पारित करने के लिए रखते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों का सपना पूरा किया है और दोनों राज्यों को विकास की ओर ले जाने का प्रयास जारी है।





