ग्वालियर (एजेंसी)। दिल्ली की सीमाओं पर पिछले कई दिनों से नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आन्दोलन के बीच इसी कानून के तहत किसानों से धोखाधड़ी करने वाले व्यापारी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मप्र के ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा भितरवार ब्लॉक के बाजना गांव में की गई है। यहाँ 17 किसानों के धान का 40 लाख रुपये भुगतान नहीं करने वाले व्यापारी की संपत्ति कुर्क करके प्रशासन ने नीलामी शुरू कर दी है। मंगलवार को आरोपित व्यापारी बलराम पुत्र मंगराम परिहार के एक हजार वर्गफीट में बने मकान को एक लाख 45 हजार रुपये में नीलाम कर दिया गया। जमीन की भी नीलामी होनी थी, लेकिन सीमांकन न होने की वजह से कोई बोली लगाने नहीं आया। अब प्रशासन पहले उसका सीमांकन कराएगा।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि नए कृषि कानून के तहत जिले में यह पहली कार्रवाई है। आरोपित बलराम दो दिसंबर को परिवार के साथ गांव से भाग गया था। सात दिसंबर को किसानों ने बेलगड़ा थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी।
इसके बाद कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम ने निराकरण के लिए बोर्ड गठित कर दिया। बोर्ड ने 13 दिसंबर को नए कृषि कानून के तहत व्यापारी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। व्यापारी की आखिरी लोकेशन गुजरात में मिली थी। पुलिस उसे तलाश रही है। गलवार को ग्राम पंचायत भवन पर भितरवार एसडीएम अश्वनी कुमार रावत ने घर और जमीन की नीलामी प्रक्रिया शुरू की। इसमें प्रशासन ने व्यापारी के मकान की शासकीय बोली एक लाख रुपये निर्धारित की।
कई बोलियों के बाद एक लाख 45 हजार रुपये की बोली लगाकर गांव के ही सत्येंद्र सिंह रावत ने मकान खरीद लिया। इसके बाद प्रशासन ने व्यापारी के 0.920 हेक्टेयर कृषि भूमि में से आधे रकबे 0.460 हेक्टेयर की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की।
शासकीय गाइडलाइन के अनुसार अधिकारियों ने दो लाख 71 हजार रुपये शुरुआती कीमत तय की। किसी ने भी बोली नहीं लगाई। बोली के इच्छुक लोगों ने बताया कि भूमि पर व्यापारी का कोई कब्जा नहीं है। अब प्रशासन ने सीमांकन करवाना तय किया है। एसडीएम अश्वनी रावत ने बताया नए कृषि कानून के तहत व्यापारी की कुर्क संपत्ति की नीलामी की गई। जमीन का जल्द सीमांकन कराएंगे। उसके बाद नीलामी कराई जाएगी।





