ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: वैज्ञानिकों की चिंता: टीका आने के बाद भी जीवन पहले जैसा होना मुश्किल है
Share
Notification Show More
Latest News
सीईसी ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, SIR के 14 फैसलों पर नोटिस
October 5, 2026
सीएम साय ने किया सिंगापुर के Mandai Wildlife Reserve दौरा, देखी वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म की व्यवस्था
October 5, 2026
रायपुर के इंडोर स्टेडियम में राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 8 हजार से अधिक पदों पर होंगी भर्तियां
October 5, 2026
shreekanchanpath 352 # 05 October 2026
October 5, 2026
सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य और नवाचार से ही आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है : राज्यपाल डेका
October 5, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedWorld

वैज्ञानिकों की चिंता: टीका आने के बाद भी जीवन पहले जैसा होना मुश्किल है

By @dmin Published August 28, 2020
Share
वैज्ञानिकों की चिंता: टीका आने के बाद भी जीवन पहले जैसा होना मुश्किल है
वैज्ञानिकों की चिंता: टीका आने के बाद भी जीवन पहले जैसा होना मुश्किल है
SHARE

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। कोरोना वायरस को लेकर एक नया शोध कहता है कि कोरोना वैक्सीन देश की 50 फीसदी जनसंख्या को देने की आवश्यकता है, अगर वैक्सीन देने की क्षमता 100 फीसदी क्यों ना हो। ऐसा करने से संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है और महामारी के उच्च स्तर को टाला जा सकता है। 
इस शोध के कई सारे लेखक हैं, इसे अमेरिका के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार किया गया था और अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रीवेंटिव मेडिसिन में छापा गया था। इस शोध में कहा गया है कि डिसीज प्रीवेंशन पॉलिसी को तैयार करने के लिए किसी वैक्सीन की कवरेज और उसकी क्षमता दो महत्वपूर्ण घटक हैं। 
वैक्सीन कवरेज का मतलब होता है कि जनसंख्या में कितने प्रतिशत लोगों को वैक्सीन दी गई है और वैक्सीन क्षमता का अर्थ है कि अनवैक्सीनेटेड ग्रुप की तुलना में वैक्सीनेटेड समूह में वैक्सीन के प्रभाव से बीमारी में कितनी प्रतिशत तक कमी आ रही है।
कई देशों में कोरोना वैक्सीन को लेकर तेजी से काम चल रहा है, ताकि पहली की तरह दुनिया को चलाया जा सके। न्यूयॉर्क के सिटी यूनिवर्सिटी के मुख्य इंवेस्टिगेटर ब्रुस वाई ली का कहना है कि अगर वैक्सीन बन भी जाती है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप वापस अपना पुराना जीवन जी सकते हैं, जैसे वो महामारी के पहले थी। 
ली ने कहा कि वैक्सीन एक दूसरे उत्पाद की तरह ही है, जिसे इस्तेमाल करने के बाद यह देखना होगा कि क्या उससे बीमारी को कम करने मेंं मदद मिल रही है या नहीं। शोध का मानना है कि वैक्सीन की क्षमता कम से कम 70 फीसदी होनी चाहिए और दूसरे उपायों के बिना बीमारी को रोकने के लिए कम से कम 80 फीसदी क्षमता होनी चाहिए।
शोध में कहा गया है कि वैक्सीन की क्षमता की सीमा 70 फीसदी तक बढ़ सकती है, जब वैक्सीन कवरेज 75 फीसदी गिरेगी और वैक्सीन क्षमता 80 फीसदी बढ़ेगी जब कवरेज 60 फीसदी तक गिरेगी। जब भी वैक्सीन की कवरेज 50 फीसदी तक गिरेगी तो इससे महामारी के उच्च स्तर को खत्म करना संभव नहीं होगा।
25 अगस्त तक दुनिया में 173 कोविड-19 के मामले थे जो अलग-अलग क्लीनिकल परीक्षण पर थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोविड़-19 कैंडिडेट वैक्सीन के ड्राफ्ट लैंडस्केप के अनुसार ये आंकड़ा दिया गया है। भारत में एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड मिलकर वैक्सीन तैयार कर रहे हैं जिसे पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट में उत्पादित किया जाएगा।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के ब्रांडन यान का कहना है कि वैक्सीनेशन दर को बढ़ाने के लिए चाहे वो लंबी अवधि के लिए हो या छोटी अवधि के लिए, हस्तक्षेप की आवश्यकता जरूर पड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि हमें एक पब्लिक हेल्थ कैंपेन की जरुरत है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले और स्थानीय समुदाय शामिल हो।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मरीजों की चिंताओं को दूर करने और वैक्सीन कहां और कैसे देनी है, ऐसी जानकारी के लिए एक सक्रिय प्राथमिक देखभाल रणनीति की आवश्यकता होगी।

You Might Also Like

सीईसी ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, SIR के 14 फैसलों पर नोटिस

सीएम साय ने किया सिंगापुर के Mandai Wildlife Reserve दौरा, देखी वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म की व्यवस्था

रायपुर के इंडोर स्टेडियम में राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 8 हजार से अधिक पदों पर होंगी भर्तियां

सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य और नवाचार से ही आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है : राज्यपाल डेका

सीएम साय का सिंगापुर प्रवास :  नवा रायपुर के विकास के लिए गार्डन्स बाय द बे से हुई चर्चा

@dmin August 28, 2020
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article पाक पर फिर बरसे एस जयशंकर, बोले- आतंकवाद कैंसर है, जो महामारी की तरह सबको प्रभावित करता है पाक पर फिर बरसे एस जयशंकर, बोले- आतंकवाद कैंसर है, जो महामारी की तरह सबको प्रभावित करता है
Next Article Rafale fighter aircraft will be formally inducted into the Indian Air Force fleet tomorrow फ्रांस से आए पांच राफेल विमान 10 सितंबर को एयरफोर्स में शामिल होंगे
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?