भिलाई। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व हरितालिका तीज गुरुवार को पूर्र प्रदेश में मनाया जाएगा। इससे पहले तिजहारिनों के लिए के करु भात इस बार काफी महंगा पडऩे वाला है। बुधवार को बाजारों में करेले का भाव 100 से 120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। हरितालिका तीज का व्रत करने वाली महिलाओं के लिए करेला का भाव बढ़ता नहीं सुहा रहा। पर्व के लिए जरूरी सब्जी होने के कारण तिजहारिन महिलाएं महंगी दरों पर करेला खरीदने को मजबूर है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज का विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत की ख़ास बात ये है कि इसके लिए महिलाएं मायके जाती हैं और व्रत रखने से पहले करु भात खाती हैं। करु भात यानी करेले की सब्जी और भात। तीजा पर्व के पहले दिन माताएं करुभात की रस्म निभाती है और दूसरे दिन निर्जला उपवास रखती है और वे सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव, पार्वती, गणेश की विधि विधान के साथ पूजा करती है।

रास नहीं आ रहा करेले का भाव
हरितालिका तीज के मौके पर तिजहारिन महिलाएं करुभात के लिए करेले खरीदती दिख् रही हैं। वहीं करेले का भाव महिलाओं को रास नहीं आ रहा है। महिलाओं का कहना है कि तीन चार दिन पहले तक करेला का भाव 50 रुपए प्रतिकिलो था जो तीज के कारण अचानक बढ़ गया। वहीं दुकानदारों का कहना है आवक कम होने के कारण करेले की कीमतों में तेजी आई है।




