ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: क्या है हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग और क्या हैं इसके फायदे और नुकसान
Share
Notification Show More
Latest News
shreekanchanpath 20 # 01 Nov 2026
November 1, 2026
शिक्षक भर्ती परीक्षा : 1812 रिक्त संविदा पदों के लिए आयोजित सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिखाया उत्साह
October 31, 2026
रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना की स्काईडाइविंग टीम दिखाएगी कौशल और टीम भावना
October 31, 2026
छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस अफसरों व कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक
October 31, 2026
राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक
October 31, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Health

क्या है हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग और क्या हैं इसके फायदे और नुकसान

By @dmin Published July 22, 2020
Share
SHARE

सभी माता-पिता अपने बच्चों को खुश देखना चाहते हैं और उनकी परवरिश में कोई कमी नहीं छोडऩा चाहते हैं। वहीं, शायद ही ऐसे कोई पैरेंट्स होंगे होंगें जो अपने बच्चे की जिंदगी को आसान नहीं बनाना चाहते हों। इसके लिए उन्हें जब भी मौका मिलता है, वो सबसे आगे खड़े होते हैं और अपने बच्चे को सपोर्ट करते हैं। लेकिन इस मामले में कुछ माता-पिता एक अलग ही लेवल पर पहुंच जाते हैं और बच्चे के सिर पर हेलिकॉप्टर की तरह मंडराने लगते हैं। बस यहीं से हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग की शुरुआत होती है।

Contents
क्या है हेलिकॉप्टर पेरेंटिंगहेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के कारणहेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के फायदेहेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के नुकसान

क्या है हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग

पैरेंट्स की बच्चों की जिंदगी में बहुत ज्यादा दखलअंदाजी को ही हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग कहते हैं। इसके विपरीत वो पैरेंट्स होते हैं जो अपने बच्चों को अपने फैसले खुद लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
पिछले कुछ सालों में हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। सबसे पहले डॉ. हेम गिनोट ने 1969 में अपनी किताब बीटवीन पेरेंट एंड टीएनजर में हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग टर्म का इस्तेमाल किया था।

हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के कारण

हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि:-
कुछ माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता बहुत रहती है। ये अपने बच्चे की हर काम में मदद करते हैं और उसे प्रोटेक्ट करते हैं और हमेशा ऐसा रास्ता ढूंढने की कोशिश करते हैं जिससे बच्चे को आगे अपने जीवन में ज्यादा मेहनत न करनी पड़े।
कम नंबर आने, स्पोर्ट्स टीम से निकलने या मनचाहे कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर बच्चे को अपने भविष्य की चिंता होने लगती है।
बच्चों को हताश और दुखी देखकर मां-बाप चिंतित या भावुक हो जाते हैं। इसलिए वो अपने बच्चे को हर तकलीफ से बचाने के लिए सब कुछ अपने कंट्रोल में लेना चाहते हैं।
जब बच्चों की सफलता या उपलब्धि में मां-बाप अपनी सफलता महसूस करने लगें, तब भी हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग की शुरुआत होती है।
कई पैरेंट्स को ये चिंता रहती है कि कोई और उनकी पेरेंटिंग पर उंगली न उठा दे। इस दबाव के कारण भी कुछ माता-पिता हेलिकॉप्टर पैरेंट्स की तरह बर्ताव करने लगते हैं।

हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के फायदे

कुछ हद तक हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग का फायदा होता है लेकिन ये फायदा सिर्फ पैरेंट्स तक ही सीमित है। जो पैरेंट्स अपने बच्चों की जिंदगी में बहुत ज्यादा दखल देते हैं, वो कम से कम खुद तो अपनी इस आदत से खुद रहते हैं।
हालांकि, इस तरह की पेरेंटिंग का बच्चों को कोई फायदा नहीं होता है। कुछ रिसर्च में बताया गया है कि पैरेंट्स की दखलअंदाजी से बच्चों को स्कूल में और आगे चलकर परेशानी आती है।

हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग के नुकसान

हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग से बच्चों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी आ सकती है। इससे बच्चे अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं करते हैं और कभी ये जान ही नहीं पाते हैं कि वो खुद से क्या कर सकते हैं।
बच्चों को लगने लगता है कि वो अपने आप कोई निर्णय नहीं ले सकते हैं और खुद से अपनी जिंदगी को संभालने का भरोसा उनमें नहीं रहता है।
साल 2014 में हुई एक स्टडी में सामने आया कि जिन बच्चें को के हेलिकॉप्टर पैरेंट्स थे, उनमें चिंता और ड्रिपेशन की दवाएं लेने का खतरा अधिक था। हालांकि, इस स्टडी में ज्यादा लोगों को शामिल नहीं किया गया था इसलिए इसके परिणाम को सही नहीं कहा जा सकता है।

You Might Also Like

युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, योग को जीवन में अपनाना जरूरी : संजय अग्रवाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात

पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वार्षिक खेल समारोह ‘एनिग्मा 9.0’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित

सुकमा के 30 बच्चों ने जाना श्सखीरूवन स्टॉप सेंटरश् का कामकाज, महिला सुरक्षा के प्रति हुए जागरूक

छत्तीसगढ़ में चिकित्सकों की बड़ी उपलब्धि, जीपीएम के जिला अस्पताल में 900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन

@dmin July 22, 2020
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ, प्रवासी मजदूरों को मिला केंद्र सरकार का तोहफा, 50 हजार करोड़ किये जाएंगे खर्च 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे पीएम मोदी
Next Article चेहरे की झुर्रियों को दूर करता है आलू, जानें कैसे करें इस्तेमाल

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?