ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: चीन को तनाव बढ़ाना पड़ सकता है महंगा, उल्टा पड़ा भारत को कमतर आंकने का चीनी दांव-चीनी अखबार
Share
Notification Show More
Latest News
रक्तदान, पौधरोपण से लेकर विद्यादान तक सेवा गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक
योग-ध्यान से स्वस्थ जशपुर का संकल्प, अब ‘फिट इंडिया-फिट जशपुर’ के तहत होगा वॉकाथॉन
September 25, 2026
शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता
शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता
September 25, 2026
प्रतिदिन हो रहा 6 से 8 लीटर दूध उत्पादन, गोबर से जैविक खाद मिलने से खेती की लागत भी हुई कम
उन्नत नस्ल की गाय ने खोली अतिरिक्त आय की राह, आत्मनिर्भर बने सन्ना के ओम प्रकाश
September 25, 2026
बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल
छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान : प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज
September 25, 2026
स्वस्थ शरीर और मानसिक शांति के लिए नियमित योग को जीवनशैली में अपनाने पर जोर
जशपुर में योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगे योग-ध्यान शिविर
September 25, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalWorld

चीन को तनाव बढ़ाना पड़ सकता है महंगा, उल्टा पड़ा भारत को कमतर आंकने का चीनी दांव-चीनी अखबार

By @dmin Published July 10, 2020
Share
दगाबाजी से बाच नहीं आ रहा चीन, एलएसी पर तैनात की 40 हजार सैनिक
दगाबाजी से बाच नहीं आ रहा चीन, एलएसी पर तैनात की 40 हजार सैनिक
SHARE

नई दिल्ली/बीजिंग (एजेंसी)। आखिरकार चीन को वही करना पड़ा जो उसे बहुत पहले कर लेना चाहिए था। गलवां घाटी में ड्रैगन ने न सिर्फ अपने तंबू उखाड़े बल्कि सैनिकों को भी पीछे भेजने पर मजबूर होना पड़ा। दुनियाभर के सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि 15 जून की घटना के बाद लद्दाख में एलएसी पर मजबूत सैन्य तैनाती और लगातार अडिग रूप से भारत उसे करारा जवाब दे रहा था। साथ ही विस्तार वादी रूप और कोरोना के कारण दुनिया भर में हो रही की किरकिरी से भी चीन भारी दबाव में था।
मगर इसके बावजूद वह सीमा पर भारत से उलझ कर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा था। लेकिन इस बार उसका यह दांव उल्टा पड़ गया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के आकलन के अनुसार, 1962 का जख्म हरा करके चीन ने खुद का ही नुकसान कराया है। उसकी वजह से न केवल अमेरिका-भारत की दोस्ती बढ़ी बल्कि भारत के साथ तनाव उसे और महंगा पड़ सकता है।

Contents
खुद को सुपरपावर साबित करने की कोशिश में चीनवर्षों के भरोसे को किया चूर-चूरनई दिल्ली-वॉशिंगटन की नजदीकी की वजह खुद ड्रैगनअब भारत-अमेरिका बने संयुक्त खतरा

खुद को सुपरपावर साबित करने की कोशिश में चीन

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट अखबार में चीन के पूर्व कूटनीतिज्ञ शी जिंगताओ ने प्रोफेसर ग्राहक एलिसन के हवाले से लिखा है कि अब तक चीन अमेरिका के साथ ही सैन्य टकराव पैदा करके खुद को सुपर पावर साबित करना चाहता था। लेकिन भारत के साथ तनाव पैदा करना समझ से परे है। बीजिंग को भारत पर दबाव बनाना महंगा पड़ सकता है। वहीं कुछ अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही दोनों देश फिलहाल सीमा पर पीछे हटने को राजी हो गए हों। लेकिन भरोसे के अभाव में तनाव जल्दी खत्म होने के आसार नहीं है। दोनों ही देश सीमावर्ती इलाकों में अपने सैनिकों की तैनाती में इजाफा कर रहे हैं।

वर्षों के भरोसे को किया चूर-चूर

जिंकताओ ने अपने लेख में कहा कि चीन ने भारत की सामरिक शक्ति को हल्के में लेने की गलती की। इस हरकत ने भारत में 1962 के जख्मों की यादें ताजा कराकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। उसने न सिर्फ वर्षों की आपसी बातचीत से पैदा हुए भरोसे को चूर-चूर कर दिया है बल्कि अपना आर्थिक नुकसान भी कराया। इसके अलावा दुनिया में भी वह पहले के मुकाबले ज्यादा अलग-थलग हो गया है।

नई दिल्ली-वॉशिंगटन की नजदीकी की वजह खुद ड्रैगन

ओशन यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना की विश्लेषक पैंग झोगयिंग का कहना है कि भारत ने पिछले दो दशक में खुद को एशियाई शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वहीं, भारत और अमेरिका अपने सामरिक सहयोग तेजी से बढ़ा रहे हैं। इससे चीन खतरा महसूस कर रहा है। हालांकि अगर चीन ने सीमा पर तनाव नहीं बढ़ाया होता तो भारत अमेरिका इतनी तेज से नजदीक नहीं आए होते। भारत और चीन सीमा विवाद सुलझाकर ही आगे शांति से रह सकते हैं।

अब भारत-अमेरिका बने संयुक्त खतरा

वाशिंगटन स्थित स्टिम्सन सेंटर की सीनियर फेलो उनका कहना है कि भारत एशिया में ताकत बनकर उभर रहा है और चीन आर्थिक तौर पर अव्वल मानते हुए अपनी प्रतिस्पर्धा अमेरिका से ही करता रहा है। लेकिन अमेरिका से भारत के सैन्य सहयोग के चलते उसकी प्राथमिकता बदली है। अब वह अपनी दक्षिणी सीमा और हिंद महासागर में भारतीय सेना में अमेरिका को संयुक्त तौर पर देखने लगा है।

You Might Also Like

योग-ध्यान से स्वस्थ जशपुर का संकल्प, अब ‘फिट इंडिया-फिट जशपुर’ के तहत होगा वॉकाथॉन

शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नवा रायपुर में सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता

उन्नत नस्ल की गाय ने खोली अतिरिक्त आय की राह, आत्मनिर्भर बने सन्ना के ओम प्रकाश

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान : प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज

जशपुर में योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में लगे योग-ध्यान शिविर

@dmin July 10, 2020
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के हर गांव में होगा एक इंडस्ट्रियल पार्क : भूपेश बघेल
Next Article भारत विरोधी देशों या आतंकियों के माध्यम से जैविक हमला कर सकता है चीन, खुफिया एजेंसियों ने किया सावधान कम हुए चीन के तेवर, राजदूत बोले- विरोधी नहीं, दोनों देश बनें पार्टनर

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?