ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: नई पौध को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ें : स्वामी रामदास ब्रम्हचारी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
National

नई पौध को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ें : स्वामी रामदास ब्रम्हचारी

By @dmin
Published: January 3, 2020
Share
SHARE

इन्दौर । संसार के भौतिक संसाधनों की आपाधापी में मनुष्य भटक रहा है। परिवार बिखर रहे हैं, रिश्तों में दरारें आ रही हैं। इसका मुख्य कारण यही है कि हम संस्कारों और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। हमारी नई पौध को अब शिक्षा के साथ संस्कारों की भी जरूरत है जो भागवत, रामायण और गीता जैसे दिव्य ग्रंथों से ही प्राप्त हो सकते है। रामायण जीवन की और भागवत मोक्ष की कथा है।
माता केशरबाई पारमार्थिक न्यास के तत्वावधान में अंग्रेजी नए वर्ष के उपलक्ष्य में बर्फानीधाम के पीछे गणेश नगर स्थित केशरबाई धर्मशाला परिसर पर चल रहे श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में आज झांसी के नीलकंठ पीठाधीश्वर स्वामी रामदास ब्रम्हचारी ने उक्त दिव्य विचार व्यक्त किए। प्रारंभ में आयोजन समिति की ओर से संयोजक तुलसीराम रघुवंशी, सिद्धार्थ सिंह सिसोदिया, रेवत सिंह रघुवंशी, डब्बू अग्रवाल, रोहित द्विवेदी, पृथ्वीराज कुमावत आदि ने वेदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठ का पूजन किया। संयोजक तुलसीराम रघुवंशी ने बताया कि आचार्य पं. रामदास ब्रम्हचारी 7 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक संगीतमय भागवत की अमृत वर्षा करेंगे। शुक्रवार 3 जनवरी शुकदेव द्वारा कथा एवं वराह अवतार प्रसंग की कथा होगी। शनिवार 4 जनवरी को राम एवं कृष्ण जन्म उत्सव मनाएं जाएंगे।
आचार्य पं. ब्रम्हचारी ने परीक्षित जन्म प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि कलियुग में भागवत जैसी साक्षात भगवान की वाणी का श्रवण मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। भागवत भारत भूमि का विलक्षण ग्रंथ है, जिसे हजारों बार सुनने के बाद भी भक्ति की प्यास खत्म नहीं होती। रामायण जीवन जीने और भागवत मृत्यु को मोक्ष में बदलने की कथा है। भागवत मृत्यु के भय से व्यक्ति को निर्भय बनाती है। परीक्षित को मौत का भय सता रहा था लेकिन शुकदेव ने भागवत की कथा सुनाकर उनका यह भय दूर कर दिया।

कोरोना के बीच बर्ड फ्लू का खतरा: राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद हिमाचल में 1000 पक्षियों की मौत
यूएनजीए: 76वें सत्र में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसे मु्द्दों को जोर-शोर से उठाएगा भारत, विश्व के नेताओं को पीएम मोदी करेंगे संबोधित
चंद्रयान-3 के काउंटडाउन की गिनती करने वाली वैज्ञानिक का हार्ट अटैक से निधन, ISRO में शोक की लहर
खिलवाड़: रेमडेसिविर की शीशी में पैरासिटामोल बेच रहे चार गिरफ्तार, आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़ा
12 घंटे चली बैठक कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक, भारत ने कहा- फिंगर 4 से फिंगर 8 तक के इलाके से पीछे हटे चीन
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article माहेश्वरी आनंदम के 101 युगलों ने हर सुख-दुख में साथ रहने की ली शपथ
Next Article छोटे का धोबी पछाड़ महापौर पद के सभी दावेदार हुए चित
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?